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भारत-चीन सीमा पर बड़ी तैयारी: लद्दाख–सिक्किम में 17 रक्षा प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी, आउटपोस्ट से लेकर गोला-बारूद स्टोरेज तक होंगे मजबूत इंतज़ाम

भारत-चीन सीमा: पर्यावरण मंत्रालय की समिति ने चीनी सीमा के पास लद्दाख और सिक्किम में 17 रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दे दी है। इन प्रोजेक्ट्स में आउटपोस्ट, हेडक्वार्टर और गोला-बारूद स्टोरेज फैसिलिटी शामिल हैं। इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंज़ूरी दी गई है, साथ ही वन्यजीव संरक्षण का भी ध्यान रखा गया है।

पर्यावरण मंत्रालय की एक समिति ने चीनी सीमा के पास लद्दाख और सिक्किम जैसे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में 17 रक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंज़ूरी दी है। यह फैसला केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में नेशनल बोर्ड फॉर वाइल्डलाइफ (NBWL) की स्थायी समिति की बैठक में लिया गया।

पर्यावरण मंत्रालय का यह बोर्ड वन्यजीव संरक्षित क्षेत्रों के आसपास विकास परियोजनाओं को संतुलित और टिकाऊ तरीके से मंज़ूरी देता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि विकास कार्य पर्यावरण के अनुकूल हों।

राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर मंज़ूरी दी गई

इन रक्षा-संबंधी प्रोजेक्ट्स की मंज़ूरी के बारे में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि “इन प्रोजेक्ट्स को राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए मंज़ूरी दी गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि वन्यजीव संरक्षण उपायों और पर्यावरण संरक्षण पर पूरा ध्यान दिया गया है। यह सब लागू कानूनों के अनुसार किया गया है।

समिति द्वारा मंज़ूर किए गए रक्षा-संबंधी प्रोजेक्ट्स में सीमा पर नए आउटपोस्ट का निर्माण, एक ब्रिगेड हेडक्वार्टर, गोला-बारूद स्टोरेज फैसिलिटी और ट्रेनिंग फैसिलिटी शामिल हैं। लद्दाख और सिक्किम में पुलों और पुलियों का निर्माण भी इन प्रोजेक्ट्स का हिस्सा है। ये सभी काम चीन के साथ सीमाओं पर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए किए जा रहे हैं।

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