अनिरुद्धाचार्य महाराज के खिलाफ कोर्ट में केस दर्ज: ’25 साल की लड़कियों’ पर विवादित टिप्पणी का मामला |
मथुरा (वृंदावन) के प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज एक धार्मिक आयोजन के दौरान महिलाओं पर की गई अपनी विवादित टिप्पणी के कारण कानूनी पचड़े में फंस गए हैं।

मथुरा के प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज (Aniruddhacharya Maharaj) अपने एक धार्मिक प्रवचन के दौरान महिलाओं की शादी की उम्र और उनके चरित्र पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण गंभीर कानूनी संकट में फंस गए हैं। मथुरा की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) अदालत ने उनके खिलाफ दायर परिवाद (याचिका) को औपचारिक रूप से स्वीकार करते हुए दर्ज कर लिया है।
विवाद की जड़: कौन सी थी वो टिप्पणी?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कथावाचक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर आधुनिक समाज में लड़कियों की देर से हो रही शादी पर टिप्पणी करते हुए कहा था:
“आजकल बेटियों की शादी 25 साल में होती है, तब तक वह कई जगह मुंह मार चुकी होती हैं।”
यह बयान सामने आते ही देशभर के महिला संगठनों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराज ने इस बयान से न केवल महिलाओं का अपमान किया है, बल्कि बाल विवाह को बढ़ावा देने की भी कोशिश की है।
कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला?
बढ़ते सार्वजनिक आक्रोश के बावजूद, जब पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कानूनी रास्ता अपनाया गया।
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याचिकाकर्ता की पहल: अखिल भारत हिंदू महासभा, आगरा की जिलाध्यक्ष मीरा राठौर ने इस टिप्पणी को महिलाओं के सम्मान पर सीधा हमला मानते हुए मथुरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में एक परिवाद दायर किया।
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परिवाद स्वीकार: सीजेएम उत्सव राज गौरव की अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद परिवाद को औपचारिक रूप से दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले से अब यह मामला आधिकारिक तौर पर कानूनी प्रक्रिया के तहत आ गया है।
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आरोप: याचिकाकर्ता ने महाराज पर महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, उनके चरित्र पर सवाल उठाने, और कानून के विरुद्ध बाल विवाह की वकालत करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अब आगे क्या होगा? कानूनी प्रक्रिया
परिवाद दर्ज होने के बाद अनिरुद्धाचार्य महाराज को अदालत में कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
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अगली सुनवाई: कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 1 जनवरी 2026 तय की है।
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वादी के बयान: इस दिन, याचिकाकर्ता (वादी) मीरा राठौर के बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर कोर्ट यह तय करेगा कि कथावाचक के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाए या नहीं।
अन्य मामले
मथुरा के अलावा, अनिरुद्धाचार्य महाराज के खिलाफ महिला वकीलों द्वारा वृंदावन कोतवाली पुलिस की शिकायत के संबंध में भी कोर्ट ने रिपोर्ट तलब की थी, क्योंकि पुलिस कथित तौर पर पहले कार्रवाई नहीं कर रही थी। इसके अलावा, मथुरा बार एसोसिएशन की महिला वकीलों ने भी उनके खिलाफ प्रदर्शन किया था और याचिकाएं दायर की थीं।
महाराज की सफाई और माफी
विवाद बढ़ने के बाद स्वामी अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया था और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। उन्होंने दावा किया था कि उनके वीडियो को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उनके शब्दों को संदर्भ से हटाकर देखा गया है। उनका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि धार्मिक और नैतिक मूल्यों पर ज़ोर देना था।
निष्कर्ष
स्वामी अनिरुद्धाचार्य के विरुद्ध मथुरा कोर्ट में परिवाद दर्ज होने से अब यह मामला सिर्फ सामाजिक विरोध तक सीमित न रहकर, एक गंभीर कानूनी मोड़ ले चुका है। 1 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर देश भर की निगाहें टिकी रहेंगी, क्योंकि यह तय करेगा कि धार्मिक उपदेशों की सीमा क्या होनी चाहिए और सार्वजनिक मंचों से दिए गए बयानों की न्यायिक जिम्मेदारी कितनी होती है।



