“मथुरा में अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान: मीडिया को बताया ‘आज की मंथरा’, हत्या की साज़िश का आरोप”
वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। 13 दिसंबर को मथुरा में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान उन्होंने मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए उसे ‘आज की मंथरा’ करार दिया।

कथा के दौरान दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें अनिरुद्धाचार्य यह कहते सुने जा रहे हैं कि कुछ मीडिया संस्थान जानबूझकर सनातन धर्म को बदनाम कर रहे हैं और उनके पीछे “इंटरनेशनल मीडिया” लगी हुई है।
उन्होंने कहा, “ये टीआरपी के लिए मुझे मरा हुआ बताकर ब्रेकिंग चला सकते हैं। इनके पास पैसे बहुत हैं, मेरी हत्या भी करवा सकते हैं।” उन्होंने एक अभिनेता का उदाहरण देते हुए यह भी दावा किया कि मीडिया किसी व्यक्ति को उसकी वास्तविक मौत से पहले ही “मार चुका होता है।”
एफआईआर को लेकर मीडिया पर सवाल
अनिरुद्धाचार्य ने मीडिया पर झूठी खबरें चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की खबरें फैलाई गईं, जबकि जब वे स्वयं थाने पहुंचे तो वहां किसी भी प्रकार का केस दर्ज नहीं पाया गया।
इसी क्रम में उन्होंने कहा, “पहले मंथरा लड़वाती थी, आज मीडिया लड़वाती है।
”उन्होंने यह आशंका भी जताई कि धनबल के सहारे उनके खिलाफ झूठे चरित्र-हनन के मामले दर्ज कराए जा सकते हैं।
‘गुटखा-शराब छुड़वा रहा हूं, इसलिए निशाने पर हूं’
कथावाचक ने दावा किया कि उनका अपराध केवल इतना है कि वे सनातन धर्म की सेवा कर रहे हैं और लोगों को गुटखा व शराब जैसी बुरी आदतें छोड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।उनका कहना था कि इससे इन उत्पादों का प्रचार करने वाले मीडिया घरानों के व्यवसाय पर असर पड़ रहा है, इसी कारण वे उनके विरोध में खड़े हैं।उन्होंने देश में हो रहे कथित धर्मांतरण पर भी मीडिया की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस विषय पर चर्चा नहीं होती क्योंकि इससे टीआरपी नहीं मिलती।
पुराने विवादित बयानों को भी दोहराया
मीडिया पर हमला बोलने के साथ-साथ अनिरुद्धाचार्य ने महिलाओं और युवतियों को लेकर पहले दिए गए अपने विवादास्पद बयानों का भी बचाव किया।उन्होंने 25 वर्ष की लड़कियों, लिव-इन रिलेशनशिप और महिलाओं के पहनावे से जुड़े अपने पुराने वक्तव्यों को दोहराया, जिससे विवाद और गहरा गया।
पत्रकारों में आक्रोश, शिकायत की तैयारी
अनिरुद्धाचार्य के बयान सामने आने के बाद मथुरा के पत्रकार समुदाय में भारी नाराज़गी देखने को मिली। पत्रकार संगठनों ने इन टिप्पणियों को अमर्यादित और अशोभनीय बताते हुए कड़ी निंदा की है।पत्रकारों का कहना है कि व्यास पीठ जैसे सम्मानित मंच से इस तरह की भाषा का प्रयोग निंदनीय है।पत्रकार संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को शिकायत भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर साधु-संत समाज से भी संवाद करने की बात कही गई है।




