श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए व्यवस्था में बदलाव किया है। इस नए बदलाव का सबसे प्रमुख उद्देश्य मंदिर परिसर में बढ़ते वीआईपी कल्चर को खत्म कर दिया है। बता दें कि ट्रस्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से विशिष्ट दर्शन का विकल्प पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब सभी भक्तों को लगभग एक समान श्रेणी में दर्शन का अवसर प्राप्त होगा।
अब ऑनलाइन बुकिंग करने वाले श्रद्धालुओं के पास केवल दो विकल्प, सुगम दर्शन और सामान्य दर्शन ही शेष रहेंगे। सुगम दर्शन के तहत श्रद्धालु रामलला और उनके परिवार के दर्शन कर सकेंगे, जबकि सामान्य दर्शन पास धारकों को परिसर के अन्य ऐतिहासिक स्थलों जैसे कुबेर टीला और सप्तमंडपम को देखने का मौका मिलेगा। भीड़ को काबू करने के लिए ट्रस्ट ने एक बड़े फैसले के तहत एक पास पर दर्शन करने वाले लोगों की संख्या को आठ से घटाकर पांच कर दिया है।
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श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण मई के शुरुआती सप्ताह तक के सभी ऑनलाइन स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं। भक्तों की सुविधा और चिलचिलाती गर्मी से राहत देने के लिए जन्मभूमि पथ पर दो अत्याधुनिक एसी वेटिंग रूम बनाए गए हैं। इन प्रतीक्षालयों में एक साथ तीन हजार श्रद्धालु विश्राम कर सकेंगे। साथ ही, यहाँ बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं ताकि भक्त प्रतीक्षारत रहते हुए भी रामलला के लाइव दर्शन और भजनों का आनंद ले सकें।
इसके अतिरिक्त, ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए एक ड्रेस कोड का सुझाव भी जारी किया है। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से आग्रह किया है कि वे दर्शन के दौरान भारतीय पारंपरिक परिधान जैसे पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता और महिलाओं के लिए साड़ी या सलवार सूट पहनकर आएं। हालांकि यह व्यवस्था फिलहाल अनिवार्य नहीं की गई है, लेकिन मंदिर की मर्यादा को बनाए रखने के लिए भक्तों से इसका पालन करने की अपील की गई है। इन सभी बदलावों से उम्मीद है कि आने वाले समय में कतारों का प्रबंधन बेहतर होगा और आम नागरिकों को कम समय में भगवान के दर्शन मिल सकेंगे।




