स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में: वायरल वीडियो के बाद बुलंदशहर से दिल्ली पुलिस ने पकड़ा, जानिए पूरा मामला
स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर CJP प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया है। जानिए वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई से जुड़ा पूरा मामला।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है।
मामला उस वक्त फिर चर्चा में आया, जब एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप सामने आई। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज पर संजय कुमार के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर बयान देने का आरोप लगा। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस तेज हो गई और CJP की ओर से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन के बाद बढ़ा दबाव
शुक्रवार को CJP से जुड़े प्रदर्शनकारियों और कुछ राजनीतिक नेताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की।
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद कुछ ही घंटों में स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
बुलंदशहर में कैसे पकड़े गए?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर क्षेत्र से ट्रेस किया गया। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस टीम के पहुंचने से पहले उन्होंने अपना ठिकाना बदलने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दूसरे स्थान से हिरासत में लिया।
हालांकि, मामले की आगे की कानूनी स्थिति और हिरासत के बाद की प्रक्रिया पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित झड़प से जुड़ा है। संजय कुमार ने घटना के बाद पुलिस में शिकायत की थी। बाद में वायरल वीडियो सामने आने के बाद मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया।
दिल्ली पुलिस ने पहले संजय कुमार की चोटों को लेकर सामने आए कुछ दावों पर अलग जानकारी दी थी और कहा था कि मेडिकल जांच में चोट को गंभीर या खोपड़ी में फ्रैक्चर वाली चोट के तौर पर दर्ज नहीं किया गया था।
दूसरी ओर, स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से कथित घटना को self-defence बताया गया है। इसलिए मामले में लगाए गए आरोपों और उनके जवाब—दोनों को कानूनी जांच के संदर्भ में देखना जरूरी है।
अब आगे क्या?
स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और मामले में कौन-कौन सी कानूनी धाराएं लागू रहती हैं।
विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, राजनीतिक प्रभाव के आरोप और प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प जैसे मुद्दों को बहस के केंद्र में ला दिया है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या स्वतंत्र भारद्वाज की हिरासत के बाद इस मामले में कानूनी कार्रवाई तेज होगी?




