
मुंबई। त्योहारों का मौसम आते ही घरों में सफ़ाई और सजावट का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ़ साफ-सुथरा घर ही काफी नहीं है, बल्कि कॉकरोच को सही तरीके से खत्म करना भी ज़रूरी है। दरअसल, कॉकरोच को ग़लत तरीक़े से मारना आपके परिवार की सेहत पर गंभीर असर डाल सकता है।
बॉम्बे हॉस्पिटल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ के कंसल्टेंट पीडियाट्रिशियन डॉ. मुकेश संकलेचा के अनुसार, कॉकरोच ई. कोली, साल्मोनेला और स्टैफ़ाइलोकोकस ऑरियस जैसे खतरनाक बैक्टीरिया फैलाते हैं। जब हम उन्हें कुचलते हैं, तो ये बैक्टीरिया दीवारों और फर्श पर फैल जाते हैं। नतीजा यह होता है कि संक्रमण और तेज़ी से बढ़ सकता है।
घरेलू नुस्ख़ों और सस्ते प्रोडक्ट से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू, तेजपत्ता या केरोसिन में भिगोई रुई जैसे घरेलू उपाय कारगर नहीं होते। वहीं, सस्ते स्प्रे, चॉक या अगरबत्तियां स्वास्थ्य के लिए और भी जोखिम पैदा कर सकती हैं। अगरबत्ती से निकलने वाला धुआं कैंसरजनक हो सकता है, खासकर छोटे घरों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए।
सुरक्षित और असरदार समाधान
कीट विशेषज्ञों के मुताबिक, जेल-आधारित चारा (Bait) सबसे सुरक्षित और टिकाऊ उपाय है। इसमें मौजूद फिप्रोनिल जैसे तत्व कॉकरोच को घोंसलों तक पहुंचकर मार देते हैं। इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ पेस्ट मैनेजमेंट की एक स्टडी में पाया गया कि सिर्फ दो हफ़्तों में जेल के इस्तेमाल से 95% संक्रमण खत्म हो गया। हिट एंटी रोच जेल जैसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल रसोई की दरारों, सिंक के नीचे और अलमारी के पीछे करने पर लंबे समय तक असर रहता है।
गंभीर संक्रमण की स्थिति में इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (IPM) तकनीक अपनाने वाली पेशेवर सेवाओं की सलाह दी जाती है। यह तरीका केवल स्प्रे पर निर्भर नहीं रहता, बल्कि सफाई, पर्यावरण सुधार और वैज्ञानिक तरीके से कीटनाशकों का उपयोग करता है।
क्या करें आप?
डॉ. संकलेचा के अनुसार, “कॉकरोच को सही तरीके से खत्म करना सिर्फ कीट नियंत्रण का मामला नहीं है, बल्कि यह आपके परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षित वातावरण से जुड़ा है। ग़लत तरीक़े से मारना घर को कीड़े से ज़्यादा ज़हरीला बना सकता है।”
त्योहारों की रौनक के बीच अगर आप चाहते हैं कि घर वाकई साफ और सुरक्षित हो, तो कॉकरोच से छुटकारा पाने के लिए सही और वैज्ञानिक तरीका अपनाना ही सबसे बेहतर विकल्प है।




