10-मिनट डिलीवरी पर सरकार का ब्रेक: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अगले आदेश तक रोक
10-मिनट डिलीवरी: सरकार ने 10-मिनट डिलीवरी पर बैन लगा दिया है। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म अब अगले आदेश तक 10 मिनट के अंदर डिलीवरी नहीं कर पाएंगे।

सरकार ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म की 10-मिनट डिलीवरी पर बैन लगा दिया है। Zepto, Blinkit, Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म अब 10-मिनट डिलीवरी नहीं दे पाएंगे। श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस सर्विस पर बैन लगाया है। यह मामला हैदराबाद में एक सड़क दुर्घटना में एक आदमी की मौत से जुड़ा है। Zepto ने इस बात से इनकार किया था कि वह आदमी उनका कर्मचारी था।
पूरा मामला क्या है?
Zepto ने इस बात से इनकार किया कि हैदराबाद में जिस आदमी की मौत हुई, वह उनका कर्मचारी था। पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि वह आदमी Zepto के लिए काम करता था। यह दुर्घटना शहर के मेहदीपटनम पुलिस इलाके में हुई। अभिषेक नाम का एक डिलीवरी राइडर तब मारा गया जब उसकी दोपहिया गाड़ी एक बस से टकरा गई। पुलिस अधिकारियों ने शुरू में बताया कि मरने वाला Zepto के लिए डिलीवरी ड्राइवर के तौर पर काम करता था। इसके बाद, गिग वर्कर्स यूनियन ने मृतक के परिवार के लिए न्याय और मुआवजे की मांग की।
एक ऑनलाइन बयान में, Zepto ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी अंदरूनी जांच के अनुसार, वह व्यक्ति Zepto के डिलीवरी फ्लीट का हिस्सा नहीं था। Zepto ने कहा, “हम यह साफ करना चाहते हैं कि जिस व्यक्ति का जिक्र किया गया है, उसका Zepto से कोई संबंध नहीं था और दुर्घटना के समय वह Zepto के लिए डिलीवरी नहीं कर रहा था। इसकी पुष्टि हमारे डेटाबेस की पूरी जांच, फेशियल रिकग्निशन और हमारे स्टोर नेटवर्क में CCTV फुटेज की समीक्षा से हुई है।”
पुलिस को दी गई जानकारी
कंपनी ने कहा कि उन्होंने शुरुआती गलतफहमी को दूर करने के लिए अपनी जांच के नतीजे मेहदीपटनम पुलिस को सौंप दिए हैं। Zepto पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। Zepto ने यह भी कहा कि उनके सभी एक्टिव डिलीवरी पार्टनर एक कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत कवर हैं। इस पॉलिसी में ₹10 लाख तक का एक्सीडेंट इंश्योरेंस और ₹1 लाख तक का हेल्थ इंश्यरेंस शामिल है।



