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Cancer Treatment: कैंसर मरीजों के लिए खुशखबरी! अब जिला अस्पतालों में भी होगी कीमोथैरेपी – जानिए सरकार की पूरी तैयारी

भारत सरकार की नई पहल के तहत अब जिला अस्पतालों में कीमोथैरेपी सुविधा शुरू होगी। 200 केंद्र खुलेंगे, जिससे कैंसर मरीजों को घर के पास इलाज मिलेगा।

Chemotherapy Units In District Hospitals

भारत में कैंसर तेजी से अपनी रफ्तार बढ़ा रहा है। ये भारत में एक ऐसी बीमारी बन कर उभर रहा है। जिसका नाम सुनते ही लोग डरने लगे है। ये एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। भारत ने इसके साल में 15 लाख मामले सामने आ रहै है। इसका इलाज काफी लंबा और कठीने है जिसकी वजह से कैंसर शरीर के साथ – साथ मन और परिवार को भी तोड़ देता है। कैंसर की वजह से मरीज को शारीरिक दर्द तो मिलता ही है लेकिन साथ में आर्थिक तनाव और मानसिक तनाव भी मिलता है। जो परिवार के लिए एक चुनौती पूर्ण होता है।
इसी के बीच कैंसर (Cancer) के मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार ने कैंसर के मरीजों के लिए कैंसर उपचार को बड़े महानगरों तक सीमित रखने के बजाय अब इसे जिला स्तर तक पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। कैंसर मरीजों को नई योजना के तहत अब से जिला अस्पतालों में ही कीमोथैरेपी (Chemotherapy) जैसी जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे लाखों मरीजों को अब दूर नहीं जाना पड़ेगा बल्कि उन्हें घर के पास ही इलाज मिल सकेगा।

केंद्रीय बजट में हुआ था इसका ऐलान

2025-2026 के केंद्रीय बजट में ही इसका ऐलान कर दिया गया था। 2025-2026 के दौरान ही इसके 200 केंद्र शुरू करने की योजना है। कैंसर का इलाज काफी लंबा चलता है। जिसमें कई महीने लग जाते है। जिसमें मरीज को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते है। अस्पताल दूर होने के कारण मरीज को शारीरिक और आर्थिक दुख झेलने पडते है। इसी वजह से सरकार ने कीमोथेरेपी जैसी सेवाएं मरीजों के घर के पास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। जिससे बड़े टर्शियरी अस्पतालों पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।

🔎 जानें क्या हैं सरकार की नई पहल

रिपोर्टों के अनुसार, स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर सेंटर (Day Care Cancer Center) स्थापित करने की योजना बनाने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर विस्तृत अंतर विश्लेषण किया। इससे ये पता चला कि किन जिलों में कैंसर के मामले ज्यादा हैं और वहां का स्वास्थ्य ढांचा किस स्तर का है। इन्हीं मानकों के द्वारा जिलों का चयन किया गया।
इस कार्यक्रम के आधार पर चुने गए जिलों के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को 4 से 6 सप्ताह तक सरकारी मेडिकल कॉलेजों, क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों और राज्य स्तरीय कैंसर संस्थानों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें प्रशिक्षण के दौरान कीमोथैरेपी देने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही दवा की सही डोज तय करना, संभावित दुष्प्रभावों की पहचान, आपात स्थितियों से निपटना, संक्रमण नियंत्रण, दवाओं की सुरक्षित हैंडलिंग और मरीजों को उचित परामर्श देना भी सिखाया गया। जिससे इन केंद्रों पर मरीजों को कीमोथैरेपी, डॉक्टर से परामर्श, जरूरी जांच, दवाएं और सपोर्टिव केयर जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकेगी। इस पहल उद्देश्य ये है कि कैंसर का इलाज केवल बड़े मेडिकल कॉलेजों (Medical Collage) या महानगरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों तक भी पहुंचे।

🏥 पहले क्या थी समस्या?

अभी तक ज्यादातर कैंसर मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली (Delhi), मुंबई (Mumbai), चेन्नई (Chennai) या अन्य बड़े शहर आना पड़ता था। जिसकी वजह से मरीज को लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ती थी। इसके साथ ही बार-बार अस्पताल आना पड़ता था। जिससे रहने और खाने पर अतिरिक्त खर्च होता था साथ ही रोज़ की कमाई छूटने का खर्च भी बढ़ता था। जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता था और कई बार तो इस वजह से इलाज भी बीच में छोड़ना पड़ता था।
सरकार का कहना है कि जिला स्तर पर कीमोथैरेपी उपलब्ध होने से इन समस्याओं में काफी कमी आएगी।

📌 कैसे काम करेगा यह मॉडल?

इस योजना को हब-एंड-स्पोक मॉडल (Hub and Spoke Model Healthcare) के आधार पर लागू किया जाएगा। बड़े कैंसर संस्थान “हब” की तरह काम करेंगे। जिला अस्पताल “स्पोक” के रूप में सेवाएं देंगे। इसके साथ ही जटिल मामलों में विशेषज्ञों से डिजिटल माध्यम से सलाह ली जाएगी। इससे मरीजों को प्राथमिक उपचार स्थानीय स्तर पर मिलेगा।

💰 मरीजों को क्या होगा फायदा?

✔️ घर के पास इलाज
✔️ यात्रा और रहने का खर्च कम
✔️ नियमित कीमोथैरेपी समय पर मिल सकेगी
✔️ सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इलाज समय पर और नियमित रूप से मिले, तो कैंसर से होने वाली मौतों में कमी लाई जा सकती है।

📝 निष्कर्ष

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लड़ाई में सबसे अहम है समय पर इलाज और निरंतर देखभाल। जिला अस्पतालों में कीमोथैरेपी सुविधा शुरू होने से लाखों मरीजों को राहत मिलेगी। सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों के करीब लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।

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