
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर चेतावनी स्तर को पार कर गया है, जिससे प्रशासन और आम जनता दोनों की चिंता बढ़ गई है। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण यमुना का जलस्तर तेज़ी से बढ़ा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, नदी का जलस्तर चेतावनी स्तर 204.50 मीटर को पार करते हुए अब 205 मीटर के करीब पहुँच गया है।
इस स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एहतियाती कदम उठाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग तथा पुलिस विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क किया जा रहा है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की योजना तैयार कर ली गई है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाई जाए और राहत एवं बचाव दल पूरी तरह तैयार रहें। यमुना के किनारे बसे इलाकों—जैसे कि मजनूं का टीला, यमुना बाजार, उस्मानपुर, और अन्य निचले क्षेत्र—पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने वहां अस्थायी राहत शिविर तैयार कर दिए हैं ताकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रूप से वहां भेजा जा सके।
इसके अलावा, दिल्ली जल बोर्ड को अलर्ट कर दिया गया है ताकि शहर की जल आपूर्ति पर इस स्थिति का असर न पड़े। यमुना नदी के जल स्तर में वृद्धि से कुछ जल शोधन संयंत्र प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए वैकल्पिक योजनाएं भी तैयार की जा रही हैं।
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने यह भी बताया कि हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल सरकारी स्रोतों से ही सूचना प्राप्त करें। साथ ही, निचले इलाकों के निवासी नदी के पास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
इस वर्ष मानसून के दौरान यमुना का जलस्तर पहले भी चेतावनी और खतरे के स्तर तक पहुँच चुका है, जिससे दिल्ली को कई बार बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतना चाहता, इसलिए समय रहते कदम उठाए जा रहे हैं।




