'मेरी खामोशी को हार मत समझना...' - पद से हटाए जाने पर राघव चड्ढा का छलका दर्द, AAP ने कहा 'डरपोक'
AAP के भीतर बढ़ते आंतरिक विवाद के बीच राघव चड्ढा और पार्टी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।

आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे आंतरिक घमासान ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने जहां वीडियो जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी है, वहीं पार्टी के दिग्गज नेताओं संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन पर समोसे की राजनीति करने और प्रधानमंत्री मोदी से डरने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मेरी खामोशी को हार मत समझना
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो शेयर करते हुए अपनी ही पार्टी पर उन्हें चुप कराने का आरोप लगाया है। राघव चड्ढा ने कहा, मुझे खामोश करवाया गया है, लेकिन मैं हारा नहीं हूं। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि मुझे संसद में बोलने का मौका न दिया जाए। क्या जनता के मुद्दे उठाना गुनाह है?
https://x.com/raghav_chadha/status/2039923569988419809?s=20
राघव चड्ढा ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वे उनका साथ न छोड़ें और चेतावनी दी कि उनकी खामोशी किसी बड़े सैलाब की आहट हो सकती है।
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जनहित के मुद्दे या समोसे पर सियासत?
राघव चड्ढा ने अपने कार्यकाल के दौरान उठाए गए मुद्दों का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट पर महंगे खाने, जोमैटो ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्याओं, बैंक चार्ज और टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी पर आवाज उठाई। हालांकि, पार्टी को उनकी यह दलील पसंद नहीं आई। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कड़ा प्रहार करते हुए कहा, जब संसद में गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी और वोटों की हेराफेरी जैसे गंभीर मुद्दे उठाने चाहिए, तब कैंटीन में समोसे और डिलीवरी टाइम की बात करना यह बताता है कि आप कॉम्प्रोमाइज्ड हो चुके हैं।
संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज का सीधा हमला
https://x.com/Saurabh_MLAgk/status/2039947456604160083?s=20
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने चड्ढा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब देश के मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव आता है, तो राघव साइन नहीं करते। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि चड्ढा मोदी के खिलाफ बोलने से बचते हैं और जब विपक्ष वॉकआउट करता है, तो वे सदन में ही बैठे रहते हैं। वहीं, सौरभ भारद्वाज ने पूछा कि गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी या पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर हमले के समय राघव चड्ढा की आवाज क्यों नहीं निकली?
राघव, तुम मोदी से डर गए हो
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनुराग ढांडा ने चड्ढा पर सबसे तीखा हमला किया। अनुराग ढांडा ने कहा, राघव, तुम पिछले कुछ सालों से डर गए हो और मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। जो डर गया, वह देश के लिए क्या लड़ेगा? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संसद के कीमती समय का उपयोग देश के मुद्दों के लिए होना चाहिए, न कि एयरपोर्ट की कैंटीन में समोसे सस्ते कराने के लिए। अनुराग ढांडा ने स्पष्ट किया कि केजरीवाल के सिपाही निडर होते हैं, जबकि चड्ढा ने पार्टी के संघर्षों से किनारा कर लिया है।




