Putin India Visit: मोदी के साथ प्राइवेट डिनर, बड़ा ट्रेड पुश और RT चैनल लॉन्च; यहां है पुतिन का पूरा शेड्यूल
रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले हैं। मीटिंग में बाइलेटरल और मल्टीलेटरल मुद्दों पर चर्चा होगी, साथ ही खास तौर पर डिफेंस सेक्टर में नई घोषणाओं की उम्मीद है।
- गुरुवार 4 दिसंबर को भारत दौरे पर आएंगे रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन
- भारत-रूस रिश्तों पर होगी चर्चा
- भारत – रूस के बीच मजबुत होगा व्यापार संबंध
रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन दो दिन के दौरे पर भारत आ रहे हैं। पुतिन गुरुवार शाम को नई दिल्ली पहुंचेंगे। यहां, वे PM मोदी के साथ 23वें इंडिया-रूस एनुअल समिट में हिस्सा लेंगे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और कई ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा करेंगे। दिल्ली आने से पहले, पुतिन ने भारत-रूस रिश्तों के बारे में कई ज़रूरी बातें कहीं, जिसमें नरेंद्र मोदी के साथ उनके रिश्ते भी शामिल हैं।
दिल्ली आने से पहले व्लादिमीर पुतिन ने एक इंटरव्यू भी दिया था। यह इंटरव्यू गुरुवार शाम को ब्रॉडकास्ट होने वाला है। कहा जा रहा है इस इंटरव्यू में पुतिन ने भारत और रूस के बीच भरोसे के रिश्ते पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि वे भारत के साथ पर्सनल रिश्तों को बिजनेस से ज़्यादा अहमियत देते हैं। उन्होंने नरेंद्र मोदी से मिलने को लेकर अपनी एक्साइटमेंट भी ज़ाहिर की।
पुतिन के दौरे का मकसद
रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन के दो दिन के दौरे का मकसद भारत-रूस स्ट्रेटेजिक और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को मज़बूत करना है। अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों में मौजूदा तनाव की वजह से दुनिया इस दौरे पर करीब से नज़र रखे हुए है। इसलिए, पश्चिमी देशों का ध्यान पुतिन और मोदी की मीटिंग पर है। पुतिन गुरुवार शाम को दिल्ली पहुंचेंगे और शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे लौटेंगे।
व्लादिमीर पुतिन के दौरे के दौरान, भारत और रूस के बीच कई ज़रूरी समझौतों पर साइन होने की उम्मीद है, खासकर व्यापार और डिफेंस में। पुतिन के साथ एक बड़ा डेलीगेशन भारत आ रहा है, जिसमें पत्रकारों का एक ग्रुप, कई खास मंत्री और अलग-अलग फील्ड के एक्सपर्ट शामिल हैं। यह डेलीगेशन भारतीय अधिकारियों के साथ अपने-अपने फील्ड पर बातचीत करेगा।
एयर डिफेंस पर चर्चा
पुतिन के दौरे के दौरान कुछ बड़े डिफेंस समझौतों का ऐलान होने की उम्मीद है। खास तौर पर फाइटर जेट और S-400 और S-500 एयर डिफेंस सिस्टम पर ध्यान दिया जा रहा है। भारत को अपनी एयर फोर्स को मजबूत करने के लिए फाइटर जेट की ज़रूरत है, और रूसी एयरक्राफ्ट भी ऑप्शन हैं। भारत ने पहले ही रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस सिस्टम के लिए एक समझौता किया है, जिसे बढ़ाया जा सकता है।




