Holi 2026: होली 2026 पर ग्रहण और भद्रा का प्रभाव! 2 या 4 मार्च? जानें सही तिथि और शुभ मुहूर्त
Holi 2026 कब है? जानें होलिका दहन और रंग वाली होली की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चंद्रग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी। When is Holi 2026? Learn the exact date, auspicious time, and lunar eclipse information for Holika Dahan and Holi with colors.
Holi 2026 Date & Muhurat: भद्रा और चंद्र ग्रहण के बीच कब मनाएं होलिका दहन और धुलेंडी?
Holika Dahan Muhurat: भारत में होली 2026 (Holi 2026) को लेकर उत्साह का माहौल है। हर कोई पर्व की तैयारियों में जुटा हुआ हैं। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इस साल की होली विशेष मानी जा रही है, क्योंकि इस साल होली पर भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण दोनों का प्रभाव है। इसी वजह से होली को लेकर लोगों के मन में संशय है। विद्वानों ने पंचांग के आधार पर इसे स्पष्ट किया है।
हनुमान प्रेम मंदिर के पुजारी पंडित पंकज झा शास्त्री (Pankaj Jha Shastri) के मुताबिक, पंचांग और मिथिला क्षेत्रीय मान्यता के अनुसार इस साल 2 मार्च 2026, सोमवार को होलिका दहन किया जाएगा। और 4 मार्च 2026, बुधवार को रंगों वाली होली खेली जाएगी। 3 मार्च 2026, मंगलवार को खग्रास चंद्र ग्रहण लगने की वजह से वह दिन खाली रहेगा।
पंडित पंकज झा शास्त्री का कहना है, कि फाल्गुन पूर्णिमा पर मनाया जाने वाला होलिका दहन सनातन परंपरा में असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व धार्मिक महत्व के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टि से वातावरण की शुद्धि और ऋतु परिवर्तन के समय स्वास्थ्य सुरक्षा का भी प्रतीक माना जाता है।
होली के एक दिन पहले चंद्रमा और मंगल ग्रह अपनी चाल बदलेंगे इसलिए इस बार का होलिका दहन खास है। लेकिन भद्रा और चंद्र ग्रहण का साया होने की वदह से तिथि और मुहूर्त को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
Read More:- क्या दिल्ली बनेगी इंद्रप्रस्थ? राजधानी का नाम बदलने के प्रस्ताव पर शुरू हुई राजनीतिक जंग
अधिकांश पंचांगों के मुताबिक, 2 मार्च की रात भद्रा समाप्त होने के बाद ही होलिका दहन शुभ माना जाएगा है। बता दें कि मिथिला पंचांग के मुताबिक, भी होलिका दहन 2 मार्च की रात्रि 05:10 के बाद ही किया जाना श्रेष्ठ है।
3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण
3 मार्च, मंगलवार को खग्रास चंद्र ग्रहण लगने वाला है। जो भारत में भी दृश्य रहेगा। चंद्र ग्रहण सिंह राशि में केतु के साथ घटित होगा। शास्त्रों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण को राहु-केतु द्वारा चंद्रमा को ग्रसित करने वाली संवेदनशील खगोलीय घटना माना जाता है। जिसका सीधा प्रभाव मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, ऐसे ग्रहण के वक्त प्राकृतिक असंतुलन, व्यापार में उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव बढ़ जाता है।
तिथि और समय का पूरा विवरण
- फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को संध्या 05:31 से आरंभ होगी।
- पूर्णिमा तिथि 3 मार्च 2026 को दोपहर 04:45 समाप्त होगी।
- होलिका दहन 2 मार्च 2026 को रात्रि 05:10 के बाद किया जाएगा।
- खग्रास चंद्र ग्रहण स्पर्श 3 मार्च 2026 को संध्या 05:05 से होगा।
- चंद्र ग्रहण मोक्ष संध्या 06:46 तक होगा।
- रंगों की होली 4 मार्च 2026, बुधवार मनाई जाएगी।




