
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी सरकार किसानों के हितों से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा, “मोदी दीवार बनकर खड़ा है”—यह किसानों और मछुआरों के अधिकारों की रक्षा का प्रतीक है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर गतिरोध बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर अपने कृषि और डेयरी उत्पादों के लिए बाजार खोलने का दबाव बना रहे हैं, जबकि भारत घरेलू कृषि की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। इस बीच, अमेरिका ने भारत पर 25% टैरिफ भी लागू किया है।
प्रधानमंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि बाहरी निर्भरता आपदा का कारण बन सकती है, इसलिए अपने हितों की रक्षा के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने लगभग 100 ऐसे जिलों की पहचान की है, जहां किसानों को अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है, और इसके लिए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना शुरू की गई है।
ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ऊर्जा-स्वतंत्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले 11 वर्षों में देश की सौर ऊर्जा क्षमता 30 गुना बढ़ी है और फिलहाल दस नए परमाणु रिएक्टरों पर कार्य जारी है। आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने तक भारत का लक्ष्य परमाणु ऊर्जा क्षमता को दस गुना बढ़ाना है।
तकनीक पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि 21वीं सदी “प्रौद्योगिकी-संचालित सदी” होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि ‘भारत में निर्मित चिप्स’ इस साल के अंत तक बाजार में उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को गति देने के लिए स्वदेशी लड़ाकू विमान इंजनों और घरेलू उर्वरक उत्पादन को बढ़ावा देने का आह्वान किया।




