Nashik Accident: स्कूल में डांस के बाद मौत! बैंक्वेट हॉल से लौट रहा परिवार कुएं में गिरा, 6 बच्चों समेत 9 की मौत
महाराष्ट्र के नासिक के पास डिंडोरी में बड़ा हादसा, स्कूल कार्यक्रम से लौट रहे परिवार की कार कुएं में गिरी, 6 बच्चों समेत 9 लोगों की मौत।

खुशी का दिन बना मातम: खुले कुएं में गिरी कार, 9 लोगों की गई जान
Nashik Accident: महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक के पास डिंडोरी में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस दिन बच्चों ने स्कूल के सालाना कार्यक्रम में खुशी-खुशी डांस किया, उसी दिन रात को उनकी जिंदगी खत्म हो गई।
बताया जा रहा है कि एक ही परिवार के 9 लोग, जिनमें 6 मासूम बच्चे भी शामिल थे, एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। यह हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे शिवाजी नगर इलाके में हुआ।
जानकारी के मुताबिक, दरगुडे परिवार एक कार्यक्रम में शामिल होकर अपनी मारुति सुजुकी अर्टिगा (Maruti Suzuki Ertiga) कार से घर लौट रहा था। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जैसे ही वे मैरिज हॉल से निकले, कुछ ही दूरी पर ड्राइवर का नियंत्रण वाहन से हट गया और कार सड़क किनारे स्थित पानी से भरे कुएं में जा गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, नगर पंचायत और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। कुआं पूरी तरह पानी से भरा होने और रात का समय होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बाद में क्रेन और आपदा प्रबंधन टीम की मदद से कार और सभी शवों को बाहर निकाला गया।
इस दर्दनाक हादसे में 32 वर्षीय सुनील दरगुडे, उनकी पत्नी रेशमा और रिश्तेदार आशा समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कई छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ते थे। पूरे परिवार के एक साथ खत्म हो जाने से गांव में मातम पसरा हुआ है।
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हादसे की वजह क्या थी?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस कुएं में कार गिरी, वह पूरी तरह सुरक्षित नहीं था। उसकी बाउंड्री काफी छोटी थी और आसपास कोई मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले यह रास्ता कच्चा था और कम लोग इसका इस्तेमाल करते थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां पक्की सड़क और बैंक्वेट हॉल बनने के बाद आवाजाही बढ़ गई। इसके बावजूद कुएं को सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जमीन को लेकर मालिक और नगर पंचायत के बीच विवाद भी चल रहा था, जिसके चलते कुएं को ढंकने या सुरक्षित बनाने का काम अधूरा रह गया।




