Navratri Day 3: माँ चंद्रघंटा की पूजा कैसे करें? जानें मंत्र, भोग, रंग और महत्व
Navratri Day 3: How to Worship Goddess Chandraghanta? Learn the Mantra, Offerings, Color, and Significance.
Navratri Day 3: नवरात्रि (Navratri) के तीसरे दिन मां दुर्गा (Maa Durga) के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा (Maa Chandraghanta) की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा को वीरता, साहस और शांति की देवी माना जाता है। उनकी कृपा से जीवन में भय दूर होता है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व
👉 मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटी होती है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
👉 इनका वाहन सिंह है।
👉 इनके दस हाथ होते हैं, जिनमें विभिन्न अस्त्र-शस्त्र होते हैं।
👉 इनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और जीवन में शांति आती है।
पूजा विधि (Navratri Day 3 Puja Vidhi)
👉 सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
👉 मंदिर में मां की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
👉 घी का दीपक जलाएं।
👉 माता को दूध या दूध से बनी मिठाई अर्पित करें।
👉 घंटी बजाकर आरती करें।
मां चंद्रघंटा का मंत्र
ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः। इस मंत्र का जाप करने से भय और तनाव दूर होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भोग (Prasad)
मां को प्रसन्न करने के लिए दूध और खीर का भोग लगाया जाता है। इससे घर में सुख और शांति बनी रहती है।
शुभ रंग (Navratri Day 3 Colour)
👉 ग्रे (Grey Colour) इस दिन ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है, जो संतुलन और स्थिरता का प्रतीक है।
मां चंद्रघंटा की कृपा से मिलने वाले लाभ
👉 भय और नकारात्मकता दूर होती है।
👉 आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।
👉 मानसिक शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
Navratri 2026 Day 3 पर Maa Chandraghanta की पूजा करने से जीवन में शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा आती है। विधि-विधान से पूजा करने पर मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।




