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Navratri Day 4: माँ कूष्मांडा की पूजा कैसे करें? जानें मंत्र, भोग, रंग और महत्व

Navratri 2026 Day 4 पर Maa Kushmanda की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और ऊर्जा का संचार होता है। सही विधि और श्रद्धा से पूजा करने पर मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

Navratri Day 4: नवरात्रि (Navratri) के चौथे दिन मां दुर्गा (Maa Durga) के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा (Maa Kushmanda) की पूजा की जाती है। मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचयिता माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन्होंने अपनी हल्की मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की उत्पत्ति की थी, इसलिए इन्हें “आदि शक्ति” भी कहा जाता है।

मां कूष्मांडा का स्वरूप और महत्व

👉 मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और दिव्य होता है।
👉 इनकी आठ भुजाएं होती हैं।
👉 हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश और चक्र आदि धारण करती हैं।
👉 इनका वाहन सिंह है।
👉 इनकी पूजा से व्यक्ति को ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त होती है।

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पूजा विधि (Navratri Day 4 Puja Vidhi)

👉 सुबह स्नान कर साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
👉 मंदिर में मां की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
👉 घी का दीपक जलाएं।
👉 माता को लाल फूल अर्पित करें।
👉 विधि-विधान से आरती करें।

मां कूष्मांडा का मंत्र

ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः। इस मंत्र का जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार होता है।

भोग (Prasad)

मां को प्रसन्न करने के लिए मालपुआ का भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

शुभ रंग (Navratri Day 4 Colour)

ऑरेंज (Orange Colour) यह रंग ऊर्जा, उत्साह और सकारात्मकता का प्रतीक है।

मां कूष्मांडा की कृपा से मिलने वाले लाभ

👉 रोगों से मुक्ति और अच्छा स्वास्थ्य
👉 धन-समृद्धि में वृद्धि
👉 जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह

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