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PUNJAAB FLOOD:पंजाब में बाढ़ का कहर 23 जिले जलमग्न, लाखों लोग बेघर लुधियाना से नूरवाला तक पानी ही पानी |

सतलुज नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है और हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लुधियाना में बांध टूटने से करीब 15 गांवों पर खतरे की तलवार लटक रही है।अब तक राज्य में 43 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3.84 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। प्रशासन ने अब तक 21,929 लोगों को सुरक्षित निकाला है और करीब 196 राहत कैंपों में विस्थापित परिवारों को ठहराया गया है।

बीते 48 घंटों से बांध का कटाव जारी है। शुक्रवार को बांध पर लगभग 16 फुट का कटाव दर्ज किया गया, जिससे किसानों के ट्यूबवेल बह गए और पानी नए रिंग बांध तक पहुंच गया। यह रिंग बांध मुख्य बांध से लगभग 700 मीटर दूर बनाया गया था, लेकिन अब यह भी खतरे में है।राहत और बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं

स्थिति को संभालने के लिए आर्मी और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात की गई हैं। प्रशासन की तरफ से कटाव रोकने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। अधिकारियों के मुताबिक, अगर यहां से पानी और आगे बढ़ा तो लुधियाना के 14 गांवों में बाढ़ आ सकती है साथ ही शहरी इलाकों जैसे राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, नूरवाला रोड और समराला चौक तक पानी पहुंचने की आशंका है. साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी पानी भर सकता है, जिससे करीब 50 हजार लोग प्रभावित होंगे

पंजाब में अब तक 43 लोगों की मौत
राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने शुक्रवार को जानकारी दी कि राज्य में पिछले 24 घंटों में किसी नई मौत की सूचना नहीं मिली।हालांकि, अब तक 4 सितंबर तक कुल 43 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है, जो 14 जिलों में बाढ़ की भयावहता को बयां कर रही है।सरकार राहत और बचाव कार्यों में जुटी है ताकि और अधिक जनहानि से बचा जा सके। स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शुक्रवार को सतलुज के तेज बहाव से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर, नंगल की सुरक्षा के लिए कदम उठाए, उन्होंने कहा कि मंदिर को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए 1.27 करोड़ रुपये नगर परिषद के माध्यम से जारी किए जाएंगे, सामाजिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि अब तक 479 बुजुर्गों की पहचान की गई है जिन्हें रेड क्रॉस सोसाइटी और जिला प्रशासन की मदद से सहायता दी जा रही है।

 

 

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