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दिल्ली विधानसभा में जबरन कार घुसाने वाला सरबजीत, पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे

दिल्ली विधानसभा के हाई-सिक्योरिटी जोन में SUV घुसाने वाले सरबजीत सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है और जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आएं है।

दिल्ली विधानसभा के हाई-सिक्योरिटी जोन में अपनी एसयूवी कार घुसाने वाले आरोपी सरबजीत सिंह के बारे में पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का मानना है कि भले ही सरबजीत के पास कोई पारंपरिक हथियार नहीं था, लेकिन उसने अपनी भारी-भरकम गाड़ी को ही एक घातक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जिससे किसी की जान जा सकती थी।

पूछताछ के दौरान सरबजीत ने बताया कि उसका भांजा 1 अप्रैल से लापता है और उसकी रिपोर्ट हरि नगर थाने में दर्ज कराई गई थी। सरबजीत का आरोप है कि पुलिस उसके केस पर ध्यान नहीं दे रही थी, इसलिए उसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचने और किसी बड़े अधिकारी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए विधानसभा के अंदर गाड़ी घुसाने का खतरनाक रास्ता चुना। वह संसद भवन तक भी पहुंचना चाहता था ताकि अपनी शिकायत दर्ज करा सके।

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सरबजीत मूल रूप से उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का रहने वाला है और उसे दिल्ली के रास्तों की ठीक से जानकारी नहीं थी। विधानसभा और संसद का रास्ता पता करने के लिए उसने रास्ते में मिले दो टैक्सी ड्राइवरों को दो हजार रुपये दिए और उन्हें अपनी गाड़ी में बिठा लिया। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गाड़ी में बैठे उन दोनों लोगों का इस पूरी साजिश में कोई हाथ नहीं था और उन्हें सिर्फ रास्ता बताने के लिए साथ लिया गया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक सरबजीत का व्यवहार जेल के अंदर बेहद उग्र और हिंसक बना हुआ है। गिरफ्तारी के बाद लॉकअप में वह रात भर चिल्लाता रहा और जेल की ग्रिल पकड़कर हिलाता रहा। वह पुलिस के सामने ‘महाराजा की तलवार’ होने जैसी अजीबोगरीब बातें भी कर रहा है। सरबजीत की पत्नी ने शाहजहाँपुर का एक मेडिकल पर्चा पेश किया है जिसमें दावा किया गया है कि दिसंबर 2025 से उसका मानसिक इलाज चल रहा है और पुलिस अब इस पर्चे की सत्यता की जांच कर रही है।

आरोपी सरबजीत सिंह उत्तर प्रदेश के पूरनपुर का रहने वाला है और आर्थिक रूप से काफी अच्छा है जिसने इसी साल फरवरी में नई टाटा कार खरीदी थी। परिवार का कहना है कि भांजे के लापता होने के बाद से वह काफी परेशान था और उसे शांत करने के लिए परिवार ने झूठ बोला था कि भांजा मिल गया है। इसके बाद वह बुके लेकर बंगला साहिब गुरुद्वारे के लिए निकला था लेकिन वह वहां न जाकर सीधे दिल्ली विधानसभा पहुंच गया। पुलिस अब उसके कॉल रिकॉर्ड्स निकलवा रही है ताकि इस मामले की तह तक जाया जा सके।

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