किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों का फोकस स्थानीय हिज़बुल कमांडरों पर, तीन आतंकियों पर 10-10 लाख का इनाम
किश्तवाड़ में सुरक्षा बलों ने स्थानीय हिज़बुल कमांडरों के खिलाफ अभियान तेज़ किया। तीन आतंकियों पर 10-10 लाख का इनाम घोषित, आईजी भीम सेन टूटी ने दी जानकारी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट। Security forces in Kishtwar have intensified their operations against local Hizbul commanders. A reward of 10 lakh rupees each has been announced for three terrorists, IG Bhim Sen Tuti said. Read the full report.

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के किश्तवाड़ ज़िले में हालिया आतंक-रोधी अभियानों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अब रणनीति में बदलाव किया है। उन्होंने स्थानीय आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने पर फोकस बढ़ा दिया है। जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष कमांडर सैफ़ुल्लाह और उसके दो सहयोगियों के मारे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने स्पष्ट कर दिया है कि अब प्राथमिक लक्ष्य लंबे समय से सक्रिय स्थानीय हिज़बुल कमांडरों को पकड़ना या मार गिराना है।
पाकिस्तानी कमांडरों का नेटवर्क ध्वस्त
सूत्रों के मुताबिक, ज़िले में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के सभी पाकिस्तानी कमांडरों को हालिया ऑपरेशनों में ढेर किया गया है। यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि विदेशी आतंकियों की मौजूदगी स्थानीय युवाओं की भर्ती और आतंकी गतिविधियों को दिशा देने में अहम भूमिका निभाती रही है। अब सुरक्षा बलों की रणनीति स्थानीय मॉड्यूल्स को तोड़ने और आतंकी संरचना को जड़ से खत्म करने की है।
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हिज़बुल के तीन स्थानीय कमांडर निशाने पर
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हिज़बुल मुजाहिदीन से जुड़े तीन स्थानीय कमांडरों को चिन्हित किया है, जो एक दशक से अधिक समय से सक्रिय बताए जा रहे हैं। इनकी पहचान इस प्रकार है: मोहम्मद अमीन उर्फ़ जहांगीर सरूरी, रियाज़ अहमद उर्फ़ हज़ारी और मुदस्सर हुसैन। इन तीनों पर 10-10 लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया है। पुलिस का मानना है कि ये आतंकी संगठन के स्थानीय ढांचे को संचालित करने, हथियारों की सप्लाई और नई भर्ती में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
आईजी जम्मू रेंज का बयान
भीम सेन टूटी, आईजी जम्मू रेंज, ने जानकारी दी है, कि फिलहाल किश्तवाड़ क्षेत्र में यही तीन स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं और उनके खिलाफ लगातार संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों द्वारा जंगल और पहाड़ी इलाकों में सघन तलाशी अभियान जारी है। आगे उन्होंने कहा है, कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर है और स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की जा रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।
स्थानीय नेटवर्क पर कड़ा शिकंजा
सुरक्षा एजेंसियां अब केवल मुठभेड़ आधारित कार्रवाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फाइनेंशियल ट्रैकिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) की पहचान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खुफिया इनपुट्स के आधार पर कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
किश्तवाड़ और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। संवेदनशील स्थानों पर नाकेबंदी और वाहन चेकिंग अभियान तेज़ कर दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि आम जनजीवन सामान्य है, लेकिन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है।




