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Lal Bahadur Shastri Jayanti: शास्त्री जी के प्रेरणादायक विचार, जो लाएंगे सकारात्मक बदलाव

2 अक्टूबर 1904 में उत्तर प्रदेश के वाराणसी के एक छोटे से कस्बे मुगलसराय में एक मेधावी बालक का जन्म हुआ जो आगे चलकर स्वतन्त्र भारत का दूसरा प्रधानमंत्री बना। हम बात कर रहे हैं लाल बहादुर शास्त्री की जिन्होने देश सेवा में अपना पूरा जीवन न्योछावर कर दिया। भारत के इतिहास में आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि आज के दिन ही भारत के दो महान नेताओं ने जन्म लिया था। आज यानी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के रूप में भी मनाया जाता है वहीं लाल बहादुर शास्त्री का जन्म भी आज ही के दिन UP के मुगलसराय में हुआ था।
शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता जैसे गुण उनके व्यक्तित्व की पहचान थे।उन्होने देश की आजादी में अहम भूमिका निभाई। आजादी की लड़ाई के लिए उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और सिर्फ 17 साल की उम्र जेल जेल चले गए। आजादी के बाद प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद प्रधानमंत्री के इस पद को बखूबी संभाला। शास्त्री जी एक ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा की।
शास्त्री का जीवन और उनके विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बने हुए हैं।
आज उनकी जयंती के मौके पर उनके कुछ अनमोल विचार जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँगे-

“हम सिर्फ अपने लिए ही नहीं, बल्कि समस्त विश्व के लिए शांति और शांतिपूर्ण विकास में विश्वास रखते हैं”

“मैं किसी दूसरे को सलाह दूं और उसे मैं खुद पर अमल ना करूं, तो मैं असहज महसूस करता हूं”

“हम रहें ना रहें, ये देश मजबूत रहना चाहिए और ये झंडा लहराता रहना चाहिए”

“देश की ताकत और मजबूती के लिए सबसे जरूरी काम है लोगों में एकता स्थापित करना”

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