
Tejashwi Yadav: तेजस्वी यादव ने कहा यह एक गंभीर मामला है और चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर वोट की डकैती कर रहा है।चुनाव आयोग विपक्ष के वोटर को कमजोर करने में लगा हुआ है।
बिहार में एसआईआर को लेकर राजनीतिक पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल दाग रहे हैं। उनका कहना है कि जल्दबाज़ी में तैयार कराए गए एसआईआर में गंभीर गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।
डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के नाम पर दो वोटर आईडी नंबर उजागर करने के बाद अब तेजस्वी ने एक और बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर की मेयर निर्मला देवी के पास भी दो अलग-अलग एपिक नंबर मौजूद हैं। तेजस्वी का आरोप है कि यह चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा सवाल है और ऐसे मामलों की पूरी तरह से जांच होनी चाहिए।
मेयर और देवर के दो-दो एपिक आईडी
उन्होंने मीडिया के सामने मेयर निर्मला देवी के दो एपिक नंबर REM1251917 और GSB183516 दिखाए। निर्मला देवी ही नहीं उनके दो देवर हैं। दोनों देवर के दो-दो एपिक आईडी हैं।साथ ही कहा कि पुरजोर तरीके से चुनाव आयोग बीजेपी का मदद कर रहा है।तेजस्वी यादव ने आज चुनाव आयोग और मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में पूरा मामला चल रहा है और कल एक अहम जो सुनवाई है वह पूरी हुई है, जिन लोगों का नाम मृत सूची में डाला गया उन्हें कल अदालत में पेश किया गया है। यह एक गंभीर मामला है और चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर वोट की डकैती कर रहा है।आज यह उन लोगों के लिए आईना का काम कर रहा है जो लोग कहते थे कि मोदी का यह करिश्मा है, जिससे वह विभिन्न राज्यों में चुनाव जीत रहे हैं जब चुनाव आयोग की पोल खुल रही है तो बीजेपी की बोलती बंद है।
तेजस्वी यादव का आरोप – 2020 में भी हुई थी वोट चोरी
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां और धांधली कोई नई बात नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में उनकी हार का अंतर मात्र 12 हज़ार वोट था, जबकि कई सीटों पर उन्हें 10-12 वोट से पराजित कर दिया गया था। तेजस्वी ने दावा किया कि यह सब सुनियोजित तरीके से हुआ और इसकी मिसाल हाल ही में चंडीगढ़ मेयर चुनाव में देखने को मिली। उनके मुताबिक, वहां भी चुनाव आयोग ने गड़बड़ी की कोशिश की, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के कारण सच सामने आ गया।उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के वोटरों को फायदा पहुंचा रहा है और विपक्ष के वोटरों को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। तेजस्वी का कहना है, “जब सत्ताधारी दल के लिए चुनाव आयोग मैदान में उतर जाए, तो लोकतंत्र की नींव हिलने लगती है।”
चुनाव बहिष्कार : तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव से जब चुनाव बहिष्कार पर सवाल हुआ तो उन्होंने कहा—17 तारीख से हमारी यात्रा शुरू हो रही है, जिसमें राहुल गांधी भी शामिल होंगे। जनता का मूड और माहौल देखकर ही तय करेंगे कि चुनाव लड़ना है या नहीं। उन्होंने चुनाव आयुक्त पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई बार मिलने की कोशिश की, लेकिन वे चुप्पी साधे हुए हैं। यहां तक कि 300 से ज्यादा सांसदों को भी मिलने से रोक दिया गया।क्या इलेक्शन कमिश्नर को अमित शाह और नरेंद्र मोदी ने मना कर दिया है कि सामने आकर जवाब नहीं देना है। क्या इलेक्शन कमिश्नर डरते हैं कि अगर विपक्ष के सामने से सवाल आए तो उसका वह जवाब नहीं दे पाएंगे और कुछ ऐसा कह देंगे जिससे सब पोल खुल जाएगी

