दिल्ली NCR की हवा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: व्यावहारिक समाधान पर ज़ोर, BS-4 गाड़ियों के मालिकों को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर अब व्यावहारिक और प्रभावी समाधानों पर विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने BS-4 गाड़ियों के मालिकों को बड़ी राहत दी है।

दिल्ली-एनसीआर में गंभीर वायु प्रदूषण की स्थिति के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने BS4 गाड़ियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। कोर्ट ने 10 साल से पुरानी BS4 डीजल गाड़ियों और 15 साल से पुरानी BS4 पेट्रोल गाड़ियों को दंडात्मक कार्रवाई से छूट दी है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से पुरानी डीजल और पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों को बड़ी राहत मिली है। अब उनकी गाड़ियों के खिलाफ जब्ती या चालान जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर अब व्यावहारिक और प्रभावी समाधानों पर विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से उन निर्माण मजदूरों को वैकल्पिक काम देने पर विचार करने को कहा जो फिलहाल पाबंदियों के कारण बेरोजगार हैं। कोर्ट ने NHAI और MCD से दिल्ली की सीमाओं पर ट्रैफिक जाम कम करने के लिए नौ टोल प्लाजा को शिफ्ट करने या अस्थायी रूप से बंद करने पर भी विचार करने को कहा।
इस साल अगस्त में भी मिली थी राहत
अगस्त 2025 में भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 5 साल से पुरानी गाड़ियों के मालिकों को बड़ी राहत दी थी। उस समय, सुप्रीम कोर्ट ने 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर प्रतिबंध के मामले में एक बड़ा अंतरिम आदेश जारी किया था। तत्कालीन CJI बीआर गवई, जस्टिस विनोद के चंद्रन और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने यह आदेश जारी किया था और केंद्र सरकार से चार हफ्तों में जवाब मांगा था।
सुप्रीम कोर्ट ने CAQM और एनसीआर शहरों के प्रशासन से शहरी परिवहन और पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दों पर विचार करने को कहा है।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में पहुंचा
एनसीआर में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। स्थिति इतनी खराब है कि लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है और सुबह घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई है।
केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मॉनिटरिंग स्टेशनों के अनुसार, सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर 500 तक पहुंच गया। रोहिणी और वज़ीरपुर जैसे इलाकों में AQI ठीक 500 रिकॉर्ड किया गया। आनंद विहार में AQI 493, अशोक विहार में 499, विवेक विहार में 493, आर.के. पुरम में 477, सिरी फोर्ट में 484, सोनिया विहार में 463 और श्री अरबिंदो मार्ग पर 417 था।




