
नेपाल में बिगड़ती स्थिति के बीच वहां की सेना ने कर्फ्यू लागू कर दिया है, लेकिन हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही।खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि असामाजिक तत्व इस अवसर का फायदा उठाकर भारत के सीमावर्ती इलाकों में अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।इसलिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।
नेपाल में हंगामे के बीच भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ा
अधिकारियों के अनुसार, खुफिया रिपोर्ट्स में साफ इशारा मिला है कि नेपाल में जारी अशांति का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व हिंसा फैलाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की योजना बना सकते हैं।इसलिए भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।उत्तराखंड पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस, बिहार पुलिस के साथ-साथ सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं।इन फोर्सेस का उद्देश्य किसी भी अवैध गतिविधि को रोकना और सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना बताया जा रहा है।
बिहार सीमा पर तनाव
मंगलवार को नेपाल से आए आंदोलनकारी आगजनी करते हुए बिहार के गलगलिया सीमा क्षेत्र तक पहुंच गए थे, जिन्हें एसएसबी के जवानों ने खदेड़ दिया। इसके बाद बिहार पुलिस मुख्यालय ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। किशनगंज एसपी सागर कुमार और एसएसबी ने मौके पर फ्लैग मार्च भी निकाला।
यूपी और बंगाल की सीमाएं सील
यूपी के सोनौली, ठूठीबारी, बढ़नी, खुनुआ और ककरहवा बार्डर पर सुरक्षा सख्त कर दी गई है। नेपाल हिंसा का असर श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर तक पहुंच गया है। वहीं, पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से सटे कांकरभीट्टा और भद्रपुर में आंदोलनकारियों ने कई सरकारी कार्यालयों में आगजनी की। एसएसबी की 41वीं वाहिनी और सिलीगुड़ी फ्रंटियर को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
उत्तराखंड की सीमाओं पर निगरानी
पिथौरागढ़ जिले में पुलिस और एसएसबी ने संयुक्त रूप से काली नदी किनारे और संवेदनशील इलाकों में गश्त तेज कर दी है। हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और आम नागरिकों से तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।




