कथावाचक को पुलिस ने लाइन में दिया सलामी… छिड़ा विवाद
बहराइच पुलिस लाइंस में धार्मिक उपदेशक पुंडरीक गोस्वामी को सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। अखिलेश यादव ने "सलामी-सलामी" के इस तमाशे पर सवाल उठाया है, और DGP ने SP से जवाब मांगा है। पूरे विवाद और पुलिस के जवाब को समझने के लिए आगे पढ़ें।

धार्मिक उपदेशक पुंडरीक गोस्वामी को बहराइच पुलिस लाइंस के परेड ग्राउंड में गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी गई। अब इससे राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से लेकर आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद तक, कई नेताओं ने इस घटना पर तीखे सवाल उठाए हैं। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया। अब इस पूरे मामले को लेकर SP से जवाब मांगा गया है। यह सम्मान आमतौर पर केवल संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों या खास सरकारी मौकों पर ही दिया जाता है। हालांकि, एक धार्मिक उपदेशक को यह सम्मान दिए जाने से नियमों के उल्लंघन पर बहस छिड़ गई है।
अब पूरा मामला समझें:
पिछले साल नवंबर में बहराइच पुलिस लाइंस में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। धार्मिक उपदेशक पुंडरीक गोस्वामी के आने पर SP राम नयन सिंह ने उन्हें सलामी दी। पुलिस बल ने परेड की और सलामी दी। जैसे ही इस कार्यक्रम के दौरान लिए गए वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुईं, कार्यक्रम की वैधता और औचित्य पर सवाल उठाए गए।
मामला सामने आने के बाद, DGP राजीव कृष्णा ने इसका संज्ञान लिया। DGP ने पुलिस परेड ग्राउंड के इस्तेमाल और सलामी देने की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई है। बहराइच के पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह से जवाब मांगा गया है।



