राघव चड्ढा समेत सात सांसदों ने छोड़ी पार्टी, भाजपा में हुए शामिल
राघव चड्ढा समेत तीन सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का ऐलान किया, जिससे बड़ी राजनीतिक हलचल मच गई।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने बुनियादी सिद्धांतों और मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है। चड्ढा ने तीखी टिप्पणी करते हुए खुद को ‘गलत पार्टी में सही आदमी’ बताया और आरोप लगाया कि पार्टी अब राष्ट्रहित के बजाय निजी स्वार्थ के लिए काम कर रही है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे अपना करियर बनाने के लिए राजनीति में नहीं आए थे, लेकिन अब पार्टी के भीतर उनका दम घुट रहा था।
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संदीप पाठक ने भी पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा खुद से ऊपर अरविंद केजरीवाल और पार्टी को रखा, लेकिन पार्टी अब उन आदर्शों पर नहीं चल रही जिनके लिए इसे बनाया गया था। राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, संजीव अरोड़ा और विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे सांसदों का भी समर्थन है। उन्होंने बताया कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने इस निर्णय पर सहमति दे दी है, जिससे उनकी सदस्यता पर भी खतरा नहीं आएगा।
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इसे भारतीय जनता पार्टी का ‘ऑपरेशन लोटस’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब की भगवंत मान सरकार के जनहित कार्यों को बाधित करने के लिए यह घटिया राजनीति कर रही है। संजय सिंह ने कहा कि यह पंजाब की जनता के साथ धोखा है और भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। फिलहाल इस इस्तीफे के बाद दिल्ली और पंजाब की राजनीति में भारी हलचल पैदा हो गई है।




