बहन-बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो जेल या जहन्नुम: CM योगी का सख्त संदेश, महिला सुरक्षा पर कही बड़ी बात
CM योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम में से एक जगह तय होगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा में सेंध लगाने वालों के लिए जेल या जहन्नुम में से एक जगह तय होगी। मुख्यमंत्री ने यह बात लखनऊ में आयोजित ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान कही।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को व्यवस्था, तकनीक और पुलिस तंत्र से जोड़ा गया है।
‘बेटियों की सुरक्षा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उनके मुताबिक, सरकार का लक्ष्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां बेटियां घर से निकलकर पढ़ाई, नौकरी या कारोबार कर सकें और सुरक्षित घर वापस लौट सकें।
सीएम योगी ने महिला सुरक्षा से जुड़े उपायों का जिक्र करते हुए मिशन शक्ति, महिला हेल्पलाइन, कमांड सेंटर और सीसीटीवी नेटवर्क जैसी व्यवस्थाओं की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।
2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर विपक्ष पर निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि उस समय प्रदेश में माफिया और अपराधियों का प्रभाव था और महिलाओं को सुरक्षा को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई गई है।
महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में मिशन शक्ति केंद्र, सेफ सिटी नेटवर्क, 1090 और 112 जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने महिला पुलिस बल को मजबूत किए जाने का भी उल्लेख किया।
सीएम योगी के अनुसार, 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या करीब 45 हजार तक पहुंच चुकी है। आगामी भर्ती के बाद महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार से अधिक होने की उम्मीद भी जताई गई।
बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा योजना’ का शुभारंभ भी किया। योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को राज्य के भीतर परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की गई।
सरकार के अनुसार, इस योजना से रोजाना बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिला यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत पात्र महिलाओं की पहचान के लिए विशेष स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था की बात भी सामने आई है।
रक्षाबंधन पर भी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा
सीएम योगी ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए विशेष मुफ्त यात्रा सुविधा का भी उल्लेख किया। रिपोर्ट के अनुसार, 27, 28 और 29 अगस्त को प्रदेश की महिलाएं एक सहयात्री के साथ मुफ्त बस यात्रा कर सकेंगी। इसके बाद 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की स्थायी सुविधा लागू की जाएगी।
योगी सरकार का महिला सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा के साथ-साथ सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, सामूहिक विवाह योजना और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार चाहती है कि बेटियां केवल सुरक्षित महसूस न करें, बल्कि शिक्षा, रोजगार और कारोबार के क्षेत्र में आगे बढ़कर आत्मनिर्भर भी बनें।
निष्कर्ष
सीएम योगी आदित्यनाथ का “जेल या जहन्नुम” वाला बयान महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की सख्त नीति के संदेश के तौर पर सामने आया है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति और महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं को प्रमुखता से सामने रखा।
अब देखना होगा कि महिला सुरक्षा से जुड़े इन दावों और योजनाओं का जमीनी स्तर पर कितना प्रभाव दिखाई देता है।



