गोवा में राहुल गांधी का बड़ा बयान: ‘कांग्रेस संविधान की रक्षक’, ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप
गोवा के मडगांव में राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा।

मडगांव (गोवा): कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को गोवा के मडगांव में आयोजित जनसभा के दौरान केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। कांग्रेस की ‘गोंय राखण यात्रा’ के समापन अवसर पर राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में ‘वोट चोरी’ के जरिए संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
‘संविधान की रक्षा करना हमारा कर्तव्य’
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान की रक्षा करना कांग्रेस की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कथित वोट चोरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है और उनकी पार्टी इसे स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस इन मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करती रहेगी।
ज्ञानेश कुमार, अमित शाह और पीएम मोदी पर साधा निशाना
मडगांव की जनसभा में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह भी इस मामले में उनका समर्थन करते हैं।
राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक और कानूनी स्तर पर उठाती रहेगी। हालांकि, ये आरोप राहुल गांधी के बयान का हिस्सा हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
‘मेरे खिलाफ मानहानि के 45 से ज्यादा मामले’
अपने भाषण में राहुल गांधी ने अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ 45 से अधिक मामले हैं, लेकिन इसके बावजूद वह सार्वजनिक मंचों पर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठाते रहेंगे।
उन्होंने दावा किया कि ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी और इस मामले में जवाबदेही की मांग जारी रखेगी।
क्या है कांग्रेस की ‘गोंय राखण यात्रा’?
कांग्रेस की ‘गोंय राखण यात्रा’ गोवा में लोगों से संपर्क स्थापित करने और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। यह यात्रा 22 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी और इसमें राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया था।
कांग्रेस ने इस अभियान के जरिए गोवा की जमीन, पर्यावरण, सांस्कृतिक पहचान, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाया। पार्टी ने इसे राज्य के हितों और स्थानीय पहचान की रक्षा से जुड़ा अभियान बताया।
राहुल गांधी ने यात्रा के समापन अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मार्च में हिस्सा लिया और मडगांव में जनसभा को संबोधित किया।
2027 के गोवा विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल
गोवा में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। कांग्रेस की इस यात्रा को राज्य में जनसंपर्क बढ़ाने और अपने राजनीतिक अभियान को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
राहुल गांधी के बयान से चुनावी प्रक्रिया, संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस फिर चर्चा में आ गई है। हालांकि, उनके आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों और आधिकारिक रिकॉर्ड का स्वतंत्र परीक्षण आवश्यक है।
