
Yamuna River Flood: राजधानी दिल्ली में यमुना नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है।इसकी वजह से नदी किनारे निचले इलाके में पानी घुस आया। पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 205.79 मीटर तक पहुंच गया। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इलाके का दौरा किया और पानी में उतरकर लोगों से बात की।
सोमवार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मंत्री प्रवेश वर्मा ने यमुना में बढ़ते जलस्तर की समीक्षा की थी। सीएम कार्यालय ने कहा, यमुना घाट और आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और असीता घाट, यमुना छठ घाट, 12 नंबर रेगुलेटर और कंट्रोल रूम सहित कई स्थलों पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यमुना की क्या है स्थिति?
दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर मंगलवार सुबह 8 बजे यमुना का जलस्तर 205.79 मीटर दर्ज किया गया। यह स्तर निकासी बिंदु 206 मीटर से बस थोड़ा ही नीचे है। सोमवार दोपहर नदी का जलस्तर 205.55 मीटर तक पहुँच गया था, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया था। हालांकि फिलहाल जलस्तर में मामूली गिरावट देखने को मिली है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है। केंद्रीय बाढ़ कक्ष के एक अधिकारी ने बताया, यमुना का जलस्तर मुख्यत वज़ीराबाद और हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वर्तमान में हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे लगभग 38,361 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और वजीराबाद बैराज से हर घंटे 68,230 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
पुराना रेलवे पुल नदी के प्रवाह और संभावित बाढ़ के खतरों पर नजर रखने के लिए प्रमुख केंद्र है। दिल्ली के लिए चेतावनी चिह्न 204.50 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 205.33 मीटर है।बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे लगते हैं।




