दिल्ली में पानी संकट से निपटने की तैयारी तेज: 520 नए ट्यूबवेल, 172 KM पाइपलाइन बदली, टैंकर सप्लाई बढ़ी
दिल्ली में गर्मी से पहले पानी की किल्लत से निपटने के लिए 520 नए ट्यूबवेल लगाए गए, 172 किमी पाइपलाइन बदली गई और टैंकरों की संख्या बढ़ाई गई। जानिए पूरा समर एक्शन प्लान।

दिल्ली में पानी संकट पर बड़ा एक्शन
दिल्ली में हर साल गर्मियों के दौरान पानी की कमी एक बड़ी समस्या बन जाती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने इस बार व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पानी की बढ़ती मांग और पुरानी पाइपलाइनों में लीकेज के कारण सप्लाई प्रभावित होती है। इसे ध्यान में रखते हुए जल उपलब्धता बढ़ाने और बर्बादी रोकने पर खास फोकस किया गया है।
520 नए ट्यूबवेल और पाइपलाइन अपग्रेड
जल संकट से निपटने के लिए वर्ष 2025-26 में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया है। इस दौरान कुल 520 नए ट्यूबवेल लगाए गए हैं, जबकि 172 किलोमीटर पुरानी पाइपलाइन को बदलकर लीकेज और पानी की बर्बादी को कम करने की कोशिश की गई है। इन प्रयासों के चलते ट्यूबवेल की कुल संख्या 5834 से बढ़कर 6200 हो गई है, जिससे राजधानी में पानी की आपूर्ति को और अधिक मजबूत और स्थिर बनाने में मदद मिलेगी।
CM रेखा गुप्ता का सख्त निर्देश
सोमवार को रेखा गुप्ता ने जल मंत्री प्रवेश वर्मा, मुख्य सचिव राजीव वर्मा और संबंधित अधिकारियों के साथ जल प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पानी से जुड़ी सभी शिकायतों का तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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टैंकर से पानी सप्लाई का विस्तार
पानी की कमी वाले इलाकों में सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए टैंकर व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। टैंकरों की संख्या 1166 से बढ़ाकर 1210 कर दी गई है, जबकि अतिरिक्त 100 टैंकर रिजर्व में रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किए जा सकें। इसके साथ ही पानी की पहुंच बढ़ाने के लिए डिलीवरी पॉइंट्स की संख्या 8700 से बढ़ाकर 13000 कर दी गई है, जिससे ज्यादा क्षेत्रों तक समय पर पानी पहुंचाया जा सके।
👉 जिन इलाकों में ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है:
- संगम विहार
- मटियाला
- छतरपुर
- देवली
- तुगलकाबाद
- पालम
- बिजवासन
- बावाना
जल शोधन संयंत्रों से अधिकतम सप्लाई
शहर के प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स जैसे:
- सोनिया विहार
- भागीरथी
- चंद्रावल
- वजीराबाद
- हैदरपुर
- नांगलोई
- ओखला
- बावाना
- द्वारका
इनसे अधिकतम पानी उपलब्ध कराने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही हरियाणा के साथ समन्वय कर कच्चे पानी की गुणवत्ता (अमोनिया स्तर) की लगातार निगरानी की जा रही है।
24×7 हेल्पलाइन और कंट्रोल सिस्टम
जल समस्या के प्रभावी समाधान के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया गया है। 1916 और 1800117118 हेल्पलाइन नंबर 24×7 संचालित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से दर्ज शिकायतें सीधे संबंधित इंजीनियर तक पहुंचती हैं। सभी शिकायतों पर 100% फीडबैक सिस्टम लागू किया गया है, जिससे समाधान की निगरानी सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा चैटबॉट और सेंट्रल कंट्रोल रूम भी सक्रिय किए गए हैं। पूरे शहर में 28 जल आपातकालीन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो 24 घंटे कार्यरत रहकर लोगों को तुरंत सहायता प्रदान करते हैं।
नए प्रोजेक्ट्स को जल्द शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जल आपूर्ति को और बेहतर बनाने के लिए परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने खास तौर पर कहा कि द्वारका में 50 एमजीडी क्षमता वाला नया जल शोधन संयंत्र (WTP) जल्द से जल्द शुरू किया जाए, जबकि बावाना में 2 एमजीडी क्षमता वाले रीसाइक्लिंग प्लांट को भी शीघ्र चालू किया जाए, ताकि पानी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
दिल्ली में पानी की किल्लत से निपटने के लिए इस बार सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी की है। ट्यूबवेल, पाइपलाइन, टैंकर और टेक्नोलॉजी के जरिए सप्लाई को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।
👉 अब देखना होगा कि ये कदम गर्मियों में लोगों को राहत देने में कितने कारगर साबित होते हैं।





