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“होर्मुज को छेड़ा तो पूरा इलाका जहन्नुम बना देंगे” — ईरान की अमेरिका को खुली धमकी |

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर चर्चा में है। जानिए क्यों इस समुद्री मार्ग पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं और इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया में तनाव खतरनाक स्तर तक पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान ने न सिर्फ कड़ी प्रतिक्रिया दी है, बल्कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ऐसी चेतावनी दी है, जिसने वैश्विक बाजारों और बड़े देशों की चिंता बढ़ा दी है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके साथ ही ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास जहाजों को सावधान रहने की चेतावनी दी है।

“पूरे क्षेत्र को जहन्नुम बना देंगे”

आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख मेजर जनरल माजिद मौसवी ने अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को असुरक्षित बनाने की कोशिश की गई, तो ईरान पूरे क्षेत्र को “जहन्नुम” बना देगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

आखिर क्या है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री जलसंधियों में गिना जाता है। यह खाड़ी देशों को अरब सागर और हिंद महासागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

सऊदी अरब, इराक, कुवैत, यूएई और कतर जैसे देशों का तेल और गैस निर्यात काफी हद तक इसी समुद्री मार्ग पर निर्भर है। यही वजह है कि यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

दुनिया क्यों है चिंतित?

अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। इसका असर पेट्रोल-डीजल से लेकर रोजमर्रा की कई चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि होर्मुज में किसी बड़े सैन्य टकराव का असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एशिया, यूरोप और अमेरिका तक महसूस किया जाएगा।

क्या युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं हालात?

फिलहाल दोनों देशों की ओर से आक्रामक बयानबाजी जारी है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन जिस तरह की भाषा और चेतावनियां सामने आ रही हैं, उससे यह साफ है कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी कम होता नहीं दिख रहा। दुनिया की नजरें अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टिकी हैं, क्योंकि यहां की हर हलचल वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करने की क्षमता रखती है।

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