मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने पिछले 10 दिनों के दौरान उसके 95 सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में अब तक 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर अमेरिकी पक्ष ने अपने सैन्य अभियानों की पुष्टि की है, लेकिन सभी ईरानी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी हमले मुख्य रूप से सैन्य ढांचे, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। ईरान ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है।
हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है। दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ सैन्य गतिविधियों में भी तेजी देखने को मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि संघर्ष और बढ़ता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले तेल परिवहन पर असर पड़ सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की संभावना है, जिसका प्रभाव भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दोनों देशों की ओर से बयानबाजी जारी है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस तनाव पर करीबी नजर बनाए हुए है। संयुक्त राष्ट्र सहित कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों पक्ष तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाते हैं या सैन्य टकराव और बढ़ता है।




