राहुल गांधी का ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला, बोले- अब बच नहीं सकते
राहुल गांधी ने मॉक संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। जानिए जन-महाभियोग प्रस्ताव, SIR विवाद और विपक्ष के आरोपों की पूरी खबर।

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में आयोजित इंडिया गठबंधन की मॉक संसद में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित वोट चोरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ काम करने वालों को जवाबदेह बनाया जाएगा। राहुल गांधी के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
मॉक संसद में राहुल गांधी ने क्या कहा?
31 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया गठबंधन की ओर से प्रतीकात्मक जन-महाभियोग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने मॉक संसद की अध्यक्षता की।
कार्यक्रम का मुख्य मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की आपत्तियां थीं।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि देश की चुनावी व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने में शामिल हैं, उन्हें जवाबदेह होना पड़ेगा।
ज्ञानेश कुमार पर क्यों हमलावर है विपक्ष?
दरअसल, इंडिया गठबंधन लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जरिए कई योग्य मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं।
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए, ताकि किसी भी नागरिक के मतदान के अधिकार पर असर न पड़े।
हालांकि, ये विपक्ष के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें किसी न्यायिक रूप से सिद्ध निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने पेश किया जन-महाभियोग प्रस्ताव
मॉक संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक जन-महाभियोग प्रस्ताव पेश किया।
खरगे ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग सरकार के दबाव में काम कर रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और SIR की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग भी उठाई।
इस कार्यक्रम में राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेता और विपक्षी सांसद मौजूद रहे।
क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होगी कार्रवाई?
मॉक संसद में पेश किया गया जन-महाभियोग प्रस्ताव एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक पहल है। इसे संसद में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत पारित वास्तविक महाभियोग या पद से हटाने का आधिकारिक आदेश नहीं समझना चाहिए।
अब देखना होगा कि विपक्ष इस मुद्दे को संसद और राजनीतिक मंचों पर किस तरह आगे बढ़ाता है और चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
फिलहाल राहुल गांधी के बयान और इंडिया गठबंधन के इस कार्यक्रम ने देश की चुनावी व्यवस्था, SIR और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।

