Navratri Day 7: माँ कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, भोग और महत्व | Navratri 2026
Navratri 2026 Day 7 पर Maa Kalaratri की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मां की कृपा से सुख-शांति प्राप्त होती है। श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर मां भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।

Navratri Day 7: नवरात्रि (Navratri) के सातवें दिन मां दुर्गा (Maa Durga) के सातवें स्वरूप माँ कालरात्रि (Maa Kalaratri) की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को देवी का सबसे उग्र और शक्तिशाली स्वरूप माना जाता है। इनकी आराधना से सभी प्रकार के भय, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं।
मां कालरात्रि का स्वरूप और महत्व
👉 मां कालरात्रि का रूप अत्यंत भयानक लेकिन भक्तों के लिए कल्याणकारी होता है।
👉 इनका रंग काला (श्याम) होता है।
👉 खुले बाल और गले में माला।
👉 तीन आंखें और चार भुजाएं।
👉 वाहन गधा (Donkey)।
👉 इनका यह रूप बुरी शक्तियों का नाश करने वाला माना जाता है और यह अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करती हैं।
पूजा विधि (Navratri Day 7 Puja Vidhi)
👉 सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
👉 मां की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें।
👉 सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
👉 माता को लाल या नीले फूल अर्पित करें।
👉 गुड़ का भोग लगाकर आरती करें।
Read More:-DTC New Bus Routes: दिल्ली से अयोध्या, कटरा और खाटू श्याम के लिए सीधी बस सेवा की तैयारी
मां कालरात्रि का मंत्र
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः। इस मंत्र का जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भय समाप्त होता है।
भोग (Prasad)
मां को प्रसन्न करने के लिए गुड़ (Jaggery) का भोग लगाया जाता है। यह भोग स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
शुभ रंग (Navratri Day 7 Colour)
नीला (Blue Colour) यह रंग शक्ति, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।
मां कालरात्रि की कृपा से मिलने वाले लाभ
👉 भय और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति
👉 रोग और संकटों का नाश
👉 आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि




