दिल्ली में बंद होगा ‘पिंक टिकट’ सिस्टम! जुलाई से महिलाओं को फ्री बस यात्रा के लिए बनवाना होगा स्मार्ट कार्ड
दिल्ली सरकार ने महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना में बड़ा बदलाव करते हुए ‘पिंक टिकट’ सिस्टम खत्म करने का फैसला लिया है। अब जुलाई 2026 से केवल ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ के जरिए ही फ्री सफर की सुविधा मिलेगी।
दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राजधानी की महिलाओं को अब बसों में मिलने वाला ‘पिंक टिकट’ जल्द इतिहास बन जाएगा। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 से मुफ्त बस सफर के लिए सिर्फ ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ ही मान्य होगा।
सरकार के इस फैसले के बाद लाखों महिला यात्रियों को अब स्मार्ट कार्ड बनवाना जरूरी होगा। बताया जा रहा है कि मार्च 2026 से अब तक छह लाख से ज्यादा महिलाएं इस कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुकी हैं, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में लोग पुराने पिंक टिकट सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
क्या है ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’?
‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ महिलाओं के लिए एक डिजिटल ट्रैवल कार्ड है, जिसकी मदद से दिल्ली की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार का दावा है कि इससे टिकटिंग सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा और फर्जी टिकट या डेटा गड़बड़ी जैसी समस्याएं खत्म होंगी।
जुलाई से क्या बदल जाएगा?
दिल्ली परिवहन विभाग के मुताबिक जुलाई 2026 के बाद बसों में पिंक टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। यानी महिलाओं को फ्री सफर जारी रखने के लिए स्मार्ट कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा।
अगर किसी महिला के पास कार्ड नहीं होगा, तो उसे सामान्य यात्री की तरह टिकट लेना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार ने लोगों से जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की है।
ऐसे करें स्मार्ट कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन
महिलाएं दिल्ली सरकार के आधिकारिक पोर्टल और कैंप के जरिए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ बनवा सकती हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो जैसी जरूरी जानकारी देनी होगी।
रजिस्ट्रेशन के बाद कार्ड जारी किया जाएगा, जिसे बस यात्रा के दौरान इस्तेमाल करना होगा।
सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
दिल्ली सरकार के इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोग इसे डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम बता रहे हैं, जबकि कई महिलाएं कह रही हैं कि बुजुर्ग और कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को नए सिस्टम में दिक्कत हो सकती है।
हालांकि सरकार का कहना है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था यात्रा को ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाएगी।




