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नासिक TCS केस: आरोपी निदा खान को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में, डिजिटल जांच में मिले 171 लिंक

नासिक TCS केस में बड़ा खुलासा सामने आया है। डिजिटल फोरेंसिक जांच में 171 लिंक मिलने का दावा किया गया है। आरोपी निदा खान को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आखिर जांच में और क्या-क्या सामने आया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

महाराष्ट्र के नासिक से जुड़े चर्चित TCS केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को एक बार फिर कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने डिजिटल फोरेंसिक जांच से जुड़े कई अहम खुलासे किए। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट में पता चला है कि आरोपी ने पीड़िता को 171 ऑनलाइन लिंक भेजे थे। पुलिस का दावा है कि इन लिंक में धार्मिक और इस्लामिक कंटेंट शामिल था। फिलहाल SIT और साइबर टीम पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला नासिक स्थित TCS यूनिट से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। आरोप है कि पीड़िता पर मानसिक दबाव बनाया गया और सोशल मीडिया व डिजिटल माध्यमों से लगातार संपर्क किया गया।

पुलिस जांच के दौरान मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया डेटा और अन्य डिजिटल सबूतों की फोरेंसिक जांच कराई गई। इसी जांच में 171 लिंक मिलने की बात सामने आई है।

कोर्ट में क्या हुआ?

पुलिस ने कोर्ट को बताया कि डिजिटल जांच अभी जारी है और कई तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। अभियोजन पक्ष ने आरोपी से आगे पूछताछ की जरूरत बताई, जबकि कोर्ट ने सुनवाई के बाद निदा खान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और SIT लगातार अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि भेजे गए लिंक का उद्देश्य क्या था और क्या इसमें किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

इस केस को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस देखने को मिल रही है। “171 इस्लामिक लिंक” वाली जानकारी सामने आने के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर सभी डिजिटल सबूत सार्वजनिक नहीं किए हैं।

जांच अभी जारी

फिलहाल यह मामला जांच के चरण में है और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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