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‘BJP का करप्शन मॉडल’: चारबाग रेलवे स्टेशन पर टिन शेड गिरने के बाद कांग्रेस ने BJP सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर टिन शेड गिरने की घटना के बाद कांग्रेस ने BJP सरकार पर हमला बोला। X पोस्ट में इसे “BJP का करप्शन मॉडल” बताया गया। पढ़ें पूरी खबर।

लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन हादसे पर राजनीति तेज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित चारबाग रेलवे स्टेशन पर टिन शेड गिरने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस हादसे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर निशाना साधते हुए इसे “BJP का करप्शन मॉडल” करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा करते हुए सरकार की कार्यशैली और निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक टिन शेड का हिस्सा गिरने से यात्रियों में डर का माहौल पैदा हो गया। राहत की बात यह रही कि समय रहते लोग वहां से हट गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।


कांग्रेस का X पोस्ट हुआ वायरल

कांग्रेस ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि भाजपा सरकार के विकास मॉडल की सच्चाई अब जनता के सामने आ रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सरकारी परियोजनाओं में घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि “डबल इंजन सरकार” केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।


रेलवे प्रशासन ने क्या कहा?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जानकारी में मौसम और संरचनात्मक कमजोरी को कारण माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है। प्रभावित हिस्से को तुरंत खाली कराकर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया।


विपक्ष ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल

चारबाग रेलवे स्टेशन देश के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में गिना जाता है। ऐसे में स्टेशन परिसर में इस तरह की घटना ने निर्माण गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

विपक्षी दलों का कहना है कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी और भ्रष्टाचार के कारण आम जनता की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि घटना की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।


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