
अलाप्पुझा: केरल के अलाप्पुझा जिले में 15 अगस्त की रात हुई एक बुजुर्ग की हत्या ने पुलिस और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस जांच में कथित तौर पर सामने आया है कि 67 वर्षीय व्यक्ति की हत्या की साजिश में उसकी 13 वर्षीय पोती और तीन अन्य नाबालिगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, चारों नाबालिगों को मामले में हिरासत में लिया गया है। जांच में हत्या के पीछे आर्थिक लाभ का एंगल भी सामने आया है।
वीडियो कॉल से जुड़ा हत्या का एंगल
मामले में सबसे चौंकाने वाली बात जांच के दौरान सामने आई वीडियो कॉल की कड़ी है।
पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने कथित तौर पर अपने एक परिचित से संपर्क किया और अन्य नाबालिगों के साथ मिलकर घटना की योजना बनाई। जांचकर्ताओं का कहना है कि घटना के दौरान किशोरी वीडियो कॉल के माध्यम से घटनाक्रम से जुड़ी हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की योजना कब बनाई गई, इसमें किसकी क्या भूमिका थी और हत्या के पीछे वास्तविक मकसद क्या था।
पहले लूट की आशंका, फिर जांच की दिशा बदली
बुजुर्ग का शव उनके घर से बरामद होने के बाद शुरुआती तौर पर पुलिस को लूट की आशंका हुई थी। घर में सामान अस्त-व्यस्त था और कुछ आभूषण तथा नकदी गायब होने की बात सामने आई थी।
लेकिन पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे तथ्य मिले, जिनसे जांच का रुख परिवार और परिचितों की ओर गया। किशोरी के बयानों में कथित असंगतियों के बाद पुलिस ने उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ की। इसके बाद कथित साजिश का खुलासा होने लगा।
आर्थिक लाभ भी जांच के दायरे में
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पैसे और कीमती सामान हासिल करने का मकसद सामने आया है।
New Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आर्थिक लाभ को संभावित मकसद माना है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि बरामद किए गए सामान और कथित तौर पर चोरी किए गए आभूषणों की जांच की जा रही है।
हालांकि, जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है।
दादा-पोती के रिश्ते को लेकर भी जांच
जांच एजेंसियां किशोरी और उसके दादा के बीच संबंधों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही हैं। कुछ रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से यह कहा गया है कि किशोरी ने अपने दादा को लेकर शिकायतें की थीं। दूसरी ओर, आर्थिक लाभ को भी मामले में अहम एंगल माना जा रहा है। इसलिए किसी एक वजह को अंतिम कारण मानना अभी जल्दबाजी होगी।
परिवार के लिए बेहद दुखद घटना
घटना के समय परिवार के कुछ सदस्य अस्पताल में थे। रिपोर्टों के अनुसार, बुजुर्ग की पत्नी अपनी बेटी के प्रसव के सिलसिले में अस्पताल में थीं। ऐसे समय में घर में हुई इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। पुलिस अब घटना की पूरी कड़ी जोड़ने के लिए मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
चारों आरोपी नाबालिग, पुलिस जांच जारी
पुलिस ने मामले में 13 वर्षीय किशोरी समेत चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है। रिपोर्टों के मुताबिक, किशोरी को मामले में मुख्य आरोपी के रूप में रखा गया है और उसके एक नाबालिग परिचित समेत अन्य किशोरों की भूमिका की जांच की जा रही है।
चूंकि सभी संबंधित आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उनकी पहचान सार्वजनिक करना उचित नहीं है।
क्या था हत्या का मकसद?
फिलहाल पुलिस की जांच में मुख्य रूप से दो पहलू सामने आए हैं:
- आर्थिक लाभ और कीमती सामान हासिल करना
- किशोरी की अपने दादा को लेकर कथित शिकायतें
इन दोनों पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
अलाप्पुझा केस में अब आगे क्या?
पुलिस मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि घटना की योजना कैसे बनी और सभी नाबालिगों की इसमें क्या भूमिका थी।
मामले ने इसलिए भी व्यापक ध्यान खींचा है क्योंकि जांच में नाबालिगों के कथित रूप से शामिल होने और वीडियो कॉल के जरिए घटना से जुड़े होने की बात सामने आई है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि की जा रही है।
FAQ: Alappuzha Murder Case
अलाप्पुझा में क्या हुआ?
केरल के अलाप्पुझा जिले में एक 67 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या हुई। पुलिस ने मामले में उनकी 13 वर्षीय पोती समेत चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
मामले में कितने नाबालिग हिरासत में हैं?
पुलिस के अनुसार, कुल चार नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है।
हत्या के पीछे क्या वजह बताई जा रही है?
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आर्थिक लाभ और कीमती सामान हासिल करने का एंगल सामने आया है। साथ ही किशोरी की अपने दादा को लेकर कथित शिकायतों की भी जांच की जा रही है।
क्या वीडियो कॉल का एंगल सामने आया है?
हां। पुलिस जांच से जुड़ी रिपोर्टों में घटना के दौरान वीडियो कॉल के जरिए किशोरी के कथित रूप से जुड़े होने की बात सामने आई है।




