बिहार में नई सरकार का गठन: नीतीश कुमार ने 10वीं बार ली शपथ, मंत्रिमंडल में दिखी शैक्षणिक विविधता
बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच नई सरकार का गठन हो गया है। जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक बार फिर राज्य की कमान संभाल ली है।

बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच नई सरकार का गठन हो गया है। जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक बार फिर राज्य की कमान संभाल ली है। पटना के राजभवन में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नीतीश कुमार का यह दसवां कार्यकाल न सिर्फ बिहार, बल्कि देश की राजनीति में भी एक अनोखा उदाहरण है। लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक पकड़ ने उन्हें लगातार प्रदेश की राजनीति में मुख्य भूमिका में बनाए रखा है। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
शैक्षणिक रूप से विविध मंत्रिमंडल
नई सरकार की सबसे खास बात इसका शैक्षणिक रूप से विविध मंत्रिमंडल है। नई कैबिनेट में ऐसे मंत्री शामिल किए गए हैं जिनकी शिक्षा अलग-अलग स्तरों की है—कुछ इंजीनियर, कुछ पीएचडी धारक, तो कुछ स्नातक, इंटर पास और 12वीं पास तक के नेता भी इसमें शामिल हैं। इससे साफ है कि सरकार ने शैक्षणिक पृष्ठभूमि से ज्यादा अनुभव, जनसम्पर्क और जमीनी पकड़ को तरजीह दी है।
सूत्रों के अनुसार नए मंत्रिमंडल में शामिल कुछ प्रमुख चेहरों की शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
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इंजीनियरिंग डिग्री धारक मंत्री
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पीएचडी व उच्च शिक्षा प्राप्त मंत्री
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ग्रेजुएट व पोस्ट-ग्रेजुएट मंत्री
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12वीं पास व इंटर पास मंत्री
यह मिश्रण दिखाता है कि सरकार ने सामाजिक संतुलन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी है।
नीतीश कुमार ने बताई सरकार की प्राथमिकताएँ
शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आने वाले दिनों में सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगी।
उन्होंने कहा—
“बिहार के विकास में तेजी लाना हमारी पहली प्रतिबद्धता है। हम जनता की उम्मीदों पर पूरा उतरेंगे।”
उन्होंने युवाओं के लिए नई योजनाएं लाने, किसानों को तकनीक से जोड़ने और शहरों के साथ-साथ गांवों के विकास को प्राथमिकता देने की बात भी कही
विभागों का बंटवारा जल्द
नई कैबिनेट के मंत्रियों को किस विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और उद्योग विभागों में कुछ नए चेहरे देखने को मिल सकते हैं। विभागों का बंटवारा जल्द ही सामने आने वाला है।
राजनीतिक समीकरण भी बने चर्चा का विषय
बिहार की राजनीति में यह नया बदलाव कई नए समीकरण भी पैदा करेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नई सरकार को आने वाले महीनों में कई चुनौतियों का सामना करना होगा, जिसमें:
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बेरोजगारी
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शिक्षा व्यवस्था
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स्वास्थ्य सुविधाएँ
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किसानों की समस्याएँ
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बाढ़ और जलजमाव प्रबंधन
जैसे मुद्दे सबसे बड़ी परीक्षा होंगे।
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
नीतीश कुमार के कार्यकाल में स्थिरता और विकास की उम्मीदें लगातार जुड़ी रही हैं। जनता चाहती है कि नई सरकार राज्य को नई दिशा दे और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत करे। शपथ ग्रहण के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएँ दीं और सरकार से बेहतर काम की उम्मीद जताई।