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ISI Spy Network in Punjab: पैसों के लालच में युवा कर रहे देश से गद्दारी, दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई

Inter-Services Intelligence का बड़ा खुलासा—पंजाब के युवाओं को जासूसी नेटवर्क में फंसा रही ISI। Delhi Police की कार्रवाई में 11 आरोपी गिरफ्तार, ड्रोन से हथियार और CCTV के जरिए पाकिस्तान भेजी जा रही थी संवेदनशील जानकारी।

ISI का नया निशाना: पंजाब के युवा बन रहे जासूसी नेटवर्क का हिस्सा, ऐसे खुलासा कर रही दिल्ली पुलिस

ISI Spy Network in Punjab: देश की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। इंटर-सर्विसेज़ इंटेलिजेंस {Inter-Services Intelligence (ISI)} अब भारत में जासूसी नेटवर्क फैलाने के लिए पंजाब के युवाओं को अपना आसान निशाना बना रही है। हालिया जांच में यह सामने आया है कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले कई युवा पैसों के लालच में देश के खिलाफ जासूसी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।

पंजाब के युवा बन रहे ‘सॉफ्ट टारगेट’

ISI की रणनीति अब पहले से ज्यादा खतरनाक होती जा रही है। वह खासतौर पर पंजाब के सीमावर्ती जिलों जैसे तरनतारन, फाजिल्का, बठिंडा और फिरोजपुर के युवाओं को निशाना बना रही है। जांच में सामने आया है कि इन युवाओं को पैसों का लालच देकर जासूसी के लिए तैयार किया जाता है। कई मामलों में यह भी पाया गया कि नशे के आदी युवाओं को आसानी से फंसाया जाता है और उनसे देश विरोधी काम करवाए जाते हैं।

दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की स्पेशल सेल ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए जासूसी के आरोप में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 9 आरोपी पंजाब के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं, जबकि बाकी दिल्ली से जुड़े हुए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि 8 से 10 और संदिग्ध लोग लंबे समय से ISI से जुड़े हो सकते हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें पिछले एक महीने से लगातार पंजाब में अभियान चला रही हैं।

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BKI और सोशल मीडिया के जरिए फैलाया जा रहा नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल {Babbar Khalsa International (BKI)} जैसे प्रतिबंधित संगठन के सहयोग से ISI युवाओं को अपने नेटवर्क में जोड़ रही है। सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए युवाओं से संपर्क किया जाता है और धीरे-धीरे उन्हें जासूसी के काम में शामिल कर लिया जाता है।

ड्रोन से हथियार गिराकर बनाई जा रही साजिश

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा के पास विदेशी हथियार गिराए जाते हैं। इन हथियारों को आरोपी उठाकर बेचते हैं और उससे मिले पैसों का इस्तेमाल सोलर CCTV कैमरे खरीदने में किया जाता है। इन कैमरों को देश के संवेदनशील इलाकों में लगाकर उनकी लाइव फीड पाकिस्तान भेजी जाती है।

संवेदनशील जगहों पर लगाए गए CCTV कैमरे

इस मॉड्यूल के खुलासे में 9 सोलर CCTV कैमरे बरामद किए गए हैं, जिनमें सिम कार्ड लगाकर पाकिस्तान लाइव फीड भेजी जा रही थी। ये कैमरे देश के कई संवेदनशील शहरों और इलाकों में लगाए गए थे, जिनमें कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर और अलवर जैसे इलाके शामिल हैं।

गाजियाबाद केस के बाद एजेंसियां हुईं सतर्क

इससे पहले गाजियाबाद में भी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में 21 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। उस मामले में रेलवे स्टेशन, सैन्य ठिकानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की लाइव फीड पाकिस्तान भेजने का खुलासा हुआ था, जिसके बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हो गईं।

कैसे काम करता था पूरा नेटवर्क?

जांच में सामने आया कि युवाओं को पहले सोशल मीडिया या एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए जोड़ा जाता था। फिर उन्हें छोटे-छोटे काम दिए जाते थे। धीरे-धीरे उन्हें संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। ड्रोन के जरिए हथियार और फंडिंग उपलब्ध कराई जाती थी। अंत में उनसे सेना और सुरक्षा ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान भेजवाई जाती थी।

ISI की यह नई रणनीति देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। पंजाब के युवाओं को निशाना बनाकर जासूसी नेटवर्क फैलाने की कोशिशें लगातार बढ़ रही हैं।

हालांकि, दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से इस साजिश का खुलासा हुआ है, लेकिन यह मामला इस बात की चेतावनी भी है कि देश के युवाओं को ऐसे जाल से बचाने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है।

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