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QR कोड और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रची गई थी साजिश? पुलिस कमिश्नर का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में गारमेंट और फैक्ट्री वर्कर्स का वेतन बढ़ाने को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया। कई जगहों पर पत्थरबाजी, वाहनों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। बिगड़ते हालात को देख कर पुलिस ने सख्त कदम उठाए।

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में गारमेंट और फैक्ट्री वर्कर्स का वेतन बढ़ाने को लेकर चल रहा आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया। कई जगहों पर पत्थरबाजी, वाहनों में आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। बिगड़ते हालात को देख कर पुलिस ने सख्त कदम उठाए।

300 से ज्यादा गिरफ्तार, 7 एफआईआर दर्ज

मंगलवार को गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि अब तक 300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 7 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, जिसमें फंडिंग के स्रोत भी शामिल हैं।

WhatsApp ग्रुप और QR कोड से जुटाई गई भीड़

पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले दो दिनों में कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए। इन ग्रुप्स में लोगों को QR कोड स्कैन कर जोड़कर बड़ी संख्या में मजदूरों को इकट्ठा किया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित सिंडिकेट का काम हो सकता है।

सच में हुए खुलासे

जांच में यह भी पता चला है कि हिंसक प्रदर्शन में शामिल कई लोग असली मजदूर नहीं थे। कुछ ग्रुप्स में भड़काऊ और अफवाह फैलाने वाले मैसेज शेयर किए गए, जिससे भीड़ को उकसाया गया और हालात बिगड़े।

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मजदूरों की नाराजगी की वजह

नोएडा के मजदूर लंबे समय से कम वेतन और खराब कामकाजी परिस्थितियों से परेशान थे। हरियाणा में हाल ही में 35% न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी के बाद यह मुद्दा और बढ़ गया। वहां मजदूरों को करीब 19-20 हजार रुपये मिल रहे हैं, जबकि नोएडा में यह 11-13 हजार रुपये ही है।

मजदूरों की मुख्य शिकायतें

मजदूरों ने कम सैलरी, 12 घंटे की शिफ्ट के बावजूद ओवरटाइम न मिलना, साप्ताहिक छुट्टी की कमी, समय पर वेतन न मिलना और महिलाओं के लिए सुरक्षा व सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे उठाए हैं।

क्या हैं मजदूरों की मांगें

प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की मांग है कि न्यूनतम वेतन 20,000 रुपये किया जाए, साथ ही ओवरटाइम का भीं भुगतान मिले, साप्ताहिक अवकाश दिया जाए और कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं बेहतर की जाएं।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन से शुरू हुआ था आंदोलन

यह आंदोलन 10 अप्रैल को फेस-2 होजरी कॉम्प्लेक्स के पास शांतिपूर्ण हड़ताल के रूप में शुरू हुआ था। बाद में यह सेक्टर 60, 62, 63, 70, 84 और ग्रेटर नोएडा तक फैल गया और सोमवार को उग्र हो गया।

ट्रैफिक पर पड़ा बड़ा असर

प्रदर्शन के चलते चिल्ला बॉर्डर, डीएनडी फ्लाईवे और एनएच-9 पर भारी जाम लग गया, जिससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सरकार की कार्रवाई और राहत

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अंतरिम तौर पर करीब 21% वेतन बढ़ाने की घोषणा की है। इसके बाद अनस्किल्ड वर्कर्स का वेतन लगभग 13,690 रुपये हो गया है। साथ ही समस्याओं के समाधान के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है।

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