प्रधानमंत्री मोदी के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ पर सियासी संग्राम, झाड़ग्राम दौरे के बाद उठा हेमंत सोरेन का हेलिकॉप्टर रोकने का विवाद
झाड़ग्राम रैली के बाद प्रधानमंत्री मोदी के झालमुड़ी खाने पर सियासी विवाद खड़ा हो गया। टीएमसी ने हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के हेलिकॉप्टर को अनुमति न मिलने का आरोप लगाया।

बंगाल चुनाव में नया घमासान, मोदी के झालमुड़ी ब्रेक पर टीएमसी हमलावर
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) का झाड़ग्राम दौरा अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। रविवार को चुनावी रैली खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी अचानक एक स्थानीय दुकान पर रुके और बंगाल के मशहूर स्ट्रीट फूड झालमुड़ी का स्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने दुकानदार से बातचीत भी की और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
लेकिन इस हल्के-फुल्के पल के बाद मामला सियासी विवाद में बदल गया। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम और उनके झाड़ग्राम में अतिरिक्त ठहराव की वजह से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन के हेलिकॉप्टर को उड़ान भरने या उतरने की अनुमति नहीं दी गई।
Watch Video :- https://x.com/narendramodi/status/2045843596713349230?s=20
टीएमसी का आरोप क्या है?
टीएमसी नेताओं का कहना है कि हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन पश्चिम बंगाल में दांतन और केशियारी क्षेत्रों में चुनावी बैठकों के बाद झाड़ग्राम पहुंचने वाले थे। वहां उनके कार्यक्रम की तैयारी भी पूरी हो चुकी थी और समर्थक इंतजार कर रहे थे। लेकिन कथित तौर पर एयर मूवमेंट क्लीयरेंस न मिलने से उन्हें वापस रांची लौटना पड़ा। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए बीजेपी पर विपक्षी नेताओं के कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाया है।
Read More:- IPL 2026: क्या मैदान पर सच में हुआ ‘काला जादू’? ललित मोदी के दावे से मचा हड़कंप
बीजेपी की ओर से क्या कहा गया?
इस विवाद पर बीजेपी की ओर से तत्काल कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा कारणों से कई बार हवाई क्षेत्र पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाते हैं, जो सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होता है।
मोदी का ‘झालमुड़ी मोमेंट’ क्यों बना चर्चा का विषय?
प्रधानमंत्री मोदी के अचानक सड़क किनारे रुककर स्थानीय नाश्ता खाने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। समर्थकों ने इसे आम जनता से जुड़ाव बताया, जबकि विरोधियों ने इसे चुनावी प्रचार का हिस्सा करार दिया।
बंगाल चुनाव में हर घटना पर सियासत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हर छोटी-बड़ी घटना पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। झाड़ग्राम का यह मामला भी अब बीजेपी बनाम टीएमसी की नई बहस बन चुका है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गरमा सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी का एक साधारण ‘झालमुड़ी ब्रेक’ अब बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर इसे जनता से जुड़ाव बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ रहा है। चुनावी मौसम में यह विवाद किसे फायदा पहुंचाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।
