
Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज यानी बुधवार, 3 सितंबर से एक बार फिर अपने कैंप ऑफिस में ‘जन सुनवाई कार्यक्रम’ की शुरुआत करने जा रही हैं। गौरतलब है कि 20 अगस्त को उन पर हुए हमले के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा।
सुरक्षा एजेंसियों ने इस बार बेहद कड़े इंतज़ाम किए हैं। कैंप ऑफिस के आसपास अनावश्यक आवाजाही पर रोक होगी और केवल उन्हीं लोगों को अंदर आने की अनुमति मिलेगी, जिनकी शिकायतें दर्ज हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सीधे जनता से रूबरू होंगी, उनकी समस्याएँ सुनेंगी और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश देंगी अधिकारियों ने बताया है कि शिकायतों की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया है, ताकि हर मुद्दा मुख्यमंत्री तक आसानी से पहुँचे और भीड़भाड़ की स्थिति न बने।
कार्यक्रम का समय और स्थान
दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ‘जन सुनवाई’ बुधवार सुबह 8 बजे से 10 बजे तक आयोजित की जाएगी। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री जन सेवा सदन में होगा।जन सुनवाई के दौरान आने वाले सभी लोगों की पहचान की जाँच की जाएगी और उनकी शिकायतों को पहले ही दर्ज कर लिया जाएगा। इसके बाद शिकायतों को व्यवस्थित तरीके से मुख्यमंत्री तक पहुँचाया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था कैसी है
सुरक्षा को लेकर खास व्यवस्था की गई है। अनावश्यक आवाजाही पर पूरी तरह रोक होगी और मुख्यमंत्री के साथ सुरक्षा अधिकारी लगातार मौजूद रहेंगे, ताकि पूरा कार्यक्रम सुरक्षित और शांतिपूर्वक संपन्न हो सके। सीएम रेखा गुप्ता की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्यक्रम स्थल पर वर्दीधारी जवानों के साथ-साथ सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। सभी आगंतुकों की पहचान की पुष्टि फेस रिकग्निशन सिस्टम के ज़रिए की जाएगी। इसके अलावा जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और हर व्यक्ति को मेटल डिटेक्टर से गुजरना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था को दो हिस्सों में बाँटा गया है—भीतर के घेरे में सशस्त्र पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहेंगे, जबकि बाहरी घेरे में 10 अतिरिक्त जवान सतर्क निगरानी रखेंगे। इस बार ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम में शिकायतकर्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। हर व्यक्ति की पहचान और उसकी शिकायत पहले से दर्ज की जाएगी, इसके बाद ही उन्हें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने का मौका मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सुरक्षा को और मजबूत बनाने और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए उठाया गया है। सीएम के साथ हर समय सुरक्षा अधिकारी मौजूद रहेंगे और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए चौकसी बरती जाएगी।




