
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी के तहत निराश्रित महिला (विधवा) पेंशन योजना चलाई जा रही है, जिससे प्रदेश की 40 लाख 32 हजार 629 से ज्यादा विधवा महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है।
इस योजना का मकसद उन महिलाओं को सहारा देना है, जिनके पति का निधन हो चुका है और जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है। महिला कल्याण विभाग के जरिए इस योजना को लागू किया गया है।
सरकार पेंशन की राशि साल में चार किस्तों में देती है। हर तीन महीने की रकम एक साथ महिलाओं के आधार लिंक बैंक खाते में PFMS के जरिए भेजी जाती है। इसमें अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर, अक्टूबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च की किस्त शामिल होती है।
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पहले इस योजना के तहत महिलाओं को 500 रुपये प्रति माह मिलते थे, लेकिन साल 2021 में इसे बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दिया गया।
अगर आंकड़ों की बात करें तो साल 2016-17 से पहले करीब 17.31 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ ले रही थीं, जो अब बढ़कर 40.32 लाख से ज्यादा हो गई हैं। इससे साफ है कि सरकार ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद महिलाओं तक इस योजना का लाभ पहुंचा रही है।
इस योजना का लाभ वही महिलाएं ले सकती हैं, जो उत्तर प्रदेश की निवासी हों, जिनके पति का निधन हो चुका हो, जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा हो और परिवार की सालाना आय 2 लाख रुपये से कम हो।




