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Hormuz Strait Crisis: ट्रंप के बयान के बाद ईरान ने फिर बंद किया हॉर्मुज, भारतीय टैंकर लौटे वापस

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर बंद कर दिया है। ट्रंप के बयान के बाद बढ़े तनाव से भारतीय टैंकर लौटे वापस। जानें भारत और तेल बाजार पर क्या असर पड़ेगा।

Hormuz Strait Crisis: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा बंद करने का फैसला लेकर दुनिया भर की चिंता बढ़ा दी है। पहले ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग को खोलने का ऐलान किया था, लेकिन अब अमेरिका के कड़े रुख और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद उसने अपना फैसला बदल दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई, व्यापार और समुद्री सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

फिर बंद हुआ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज

शनिवार को ईरान के संयुक्त सैन्य कमांड ने घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण फिर से पहले जैसी स्थिति में बहाल कर दिया गया है। साथ ही कहा गया कि यह मार्ग अब ईरानी सशस्त्र बलों की कड़ी निगरानी और नियंत्रण में रहेगा। ईरान ने चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखेगा, तब तक इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही पर रोक बनी रहेगी।

ट्रंप के बयान के बाद बदला फैसला

ईरान का यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक तेहरान परमाणु कार्यक्रम समेत अहम मुद्दों पर समझौता नहीं करता। ट्रंप के इस सख्त बयान के बाद ईरान ने पहले किए गए फैसले को पलटते हुए फिर से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद रखने का ऐलान कर दिया।

पहले खोलने का किया था दावा

इससे पहले ईरान ने दावा किया था कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह खुला रहेगा और जहाजों की आवाजाही सामान्य होगी। लेकिन जमीनी हालात कुछ और ही नजर आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई जहाजों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा, जिससे साफ हो गया कि स्थिति सामान्य नहीं है।

भारतीय तेल टैंकरों को लेना पड़ा यू-टर्न

जानकारी के अनुसार, कई भारतीय तेल टैंकर पर्शियन गल्फ से हॉर्मुज की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन उन्हें बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। इनमें सन्मार हेराल्ड, देश गरिमा, देश वैभव और देश विभोर जैसे जहाज शामिल बताए जा रहे हैं। फिलहाल इनमें से कई जहाज ईरान के क़ेश्म आइलैंड के आसपास देखे गए हैं। बताया जा रहा है कि चार भारतीय और दो ग्रीक जहाज इस अहम रास्ते से नहीं गुजर सके।

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भारत पर क्या असर पड़ेगा?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल और एलपीजी आयात करता है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होने से भारत के लिए तेल सप्लाई महंगी और धीमी हो सकती है। अगर यह संकट लंबा चलता है तो पेट्रोल-डीजल के दाम, गैस सप्लाई और शिपिंग लागत पर असर देखने को मिल सकता है।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक बाजार को प्रभावित कर सकता है।

ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज फिर बंद करने का फैसला सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल बाजार पर दिख सकता है। आने वाले दिनों में दुनिया की नजरें इसी समुद्री मार्ग पर टिकी रहेंगी।

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