कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची में कथित बदलावों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर किसी तरह की गैरकानूनी कार्रवाई हुई है और इसकी जानकारी होने के बावजूद उसे नहीं रोका गया, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रियंका गांधी ने गुरुवार को केरल के वायनाड में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की। उन्होंने मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ और बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संविधान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
ज्ञानेश कुमार पर क्या बोलीं प्रियंका गांधी?
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि अगर मुख्य चुनाव आयुक्त को मतदाता सूची से जुड़े किसी कथित गैरकानूनी काम की जानकारी थी और उनके सहयोगियों ने भी उन्हें इस बारे में बताया था, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने गैरकानूनी काम किया है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने इसी संदर्भ में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने और देशद्रोह के तहत कार्रवाई की मांग की। ये प्रियंका गांधी के आरोप और राजनीतिक मांग हैं, न कि किसी अदालत द्वारा स्थापित तथ्य।
SIR को लेकर क्या है पूरा विवाद?
मतदाता सूची के Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर पिछले कुछ समय से विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
इस विवाद को और बढ़ाने वाली एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने, Form 6 और मतदाता सूची के डिजिटल डेटा से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया गया।
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों में बताए गए मतभेदों को अलग तरीके से पेश किया है। आयोग के मुताबिक बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में लिखित टिप्पणियां, सुझाव, तकनीकी सवाल और आंतरिक जांच सामान्य संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
ECI ने कहा कि SIR समेत सभी आधिकारिक फैसले और आदेश कानून एवं आयोग के निर्धारित नियमों के अनुसार लिए गए हैं। आयोग का यह भी कहना है कि संबंधित फैसलों को सभी तीन चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।
प्रियंका गांधी के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस
प्रियंका गांधी के ताजा बयान के बाद SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपने फैसलों को निर्धारित कानूनी और संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिया गया बता रहा है।
इस पूरे विवाद में फिलहाल तीन प्रमुख मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं—SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नामों के बदलाव और चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया।




