पटियाला में रेलवे ट्रैक उड़ाने की आतंकी साजिश नाकाम, धमाके के दौरान संदिग्ध हमलावर की मौत
शंभू सीमा के पास मालगाड़ियों के लिए निर्धारित ट्रैक पर रात करीब 10 बजे एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे पटरी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

पटियाला: पंजाब के पटियाला में सोमवार रात शंभू-अंबाला रेलवे ट्रैक को बम से उड़ाने की एक बड़ी साजिश सामने आई है। शंभू सीमा के पास मालगाड़ियों के लिए निर्धारित ट्रैक पर रात करीब 10 बजे एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे पटरी का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस विस्फोट की चपेट में आने से बम लगाने वाले संदिग्ध व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जिसका क्षत-विक्षत शव पुलिस ने घटनास्थल से बरामद किया है।
https://x.com/sirajnoorani/status/2049010521110945884?s=20
पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) वरुण शर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह जान-बूझकर किया गया एक हमला नजर आ रहा है। मृतक की पहचान तरनतारन जिले के पंजवार खुर्द गांव के रहने वाले जगरूप सिंह के रूप में हुई है, जिसने निहंग सिंह का पहनावा पहना हुआ था। पुलिस को घटनास्थल से एक सिम कार्ड और कुछ अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर अब साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ फॉरेंसिक टीमें भी जांच में जुट गई हैं।
Read More:- सिक्किम दौरे पर पीएम मोदी, गंगटोक में युवाओं संग खेला फुटबॉल
इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में भी उबाल आ गया है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था और खुफिया तंत्र की विफलता पर घेरा है। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा और शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे सरकार की बड़ी लापरवाही बताया है। सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास पहले से ही इस तरह के खतरे का इनपुट था, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की है कि वह राज्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर हों ताकि पंजाब को दोबारा काले दौर में जाने से बचाया जा सके।
गौरतलब है कि पंजाब के रेलवे ट्रैक पर धमाके की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले इसी साल जनवरी में फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद इलाके में भी एक फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर विस्फोट हुआ था, जिसमें मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया था और लोको पायलट घायल हुआ था। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इन दोनों घटनाओं के पीछे किसी एक ही संगठन का हाथ है और जगरूप सिंह के तार किन असामाजिक तत्वों से जुड़े थे। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्धों की धरपकड़ जारी है।




